
आवारा पशुओं की बढ़ती समस्या पर कांग्रेस नेता ने नगर आयुक्त को सौंपा ज्ञापन, कार्रवाई नहीं होने पर दी आंदोलन की चेतावनी।
दरभंगा: अखिल भारतीय कांग्रेस कमिटी के अल्पसंख्यक विभाग के राष्ट्रीय समन्वयक डॉ. जमाल हसन ने दरभंगा नगर निगम पहुंचकर नगर आयुक्त से मुलाकात की और शहर में आवारा गाय-बछड़ों की बढ़ती समस्या को लेकर ज्ञापन सौंपा। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि सात दिनों के भीतर ठोस कार्रवाई नहीं हुई, तो वे इन मवेशियों को नगर निगम कार्यालय के समक्ष लाकर खड़ा करने को विवश होंगे।

डॉ. हसन ने कहा कि शहर की सड़कों पर दिन-प्रतिदिन आवारा गाय-बछड़ों की संख्या में इजाफा हो रहा है, जिससे स्वच्छता, आम जनजीवन एवं यातायात व्यवस्था बुरी तरह प्रभावित हो रही है। आए दिन हो रही दुर्घटनाओं में राहगीर घायल हो रहे हैं, वहीं भोजन और आश्रय के अभाव में मवेशी कचरे में प्लास्टिक व हानिकारक वस्तुएं खाने को मजबूर हैं, जो उनके जीवन के लिए घातक साबित हो रहा है।

उन्होंने इसे राजनीतिक मुद्दा न बताते हुए इसे मानवीय पहल करार दिया और कहा कि मूक प्राणियों की पीड़ा को समझना समाज की जिम्मेदारी है। उन्होंने स्थानीय सांसद और विधायकों की चुप्पी पर सवाल खड़ा करते हुए कहा कि “गाय के नाम पर राजनीति करना तो सबको आता है, लेकिन जब गाय संकट में है, तब सभी मौन हैं।” उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि सत्ता में बैठे लोग केवल वोट के लिए गाय का नाम लेते हैं, लेकिन उसकी सुरक्षा और देखभाल की चिंता नहीं करते।

डॉ. हसन ने दो टूक शब्दों में कहा, “मैं न किसी धर्म के नाम पर बोल रहा हूं, न राजनीति के लिए। मैं उस ज़िंदगी की लड़ाई लड़ रहा हूं जिसे हमारी व्यवस्था ने बेसहारा बना दिया है। इंसान की तरह जानवर की जिंदगी की भी कीमत होती है।”

ज्ञापन सौंपने वालों में एनएसयूआई के छात्र नेता मो. नसरूल्लाह, मो. अफसार, मोहम्मद सद्दाम, तल्हा ताबिश, नदीम अहमद, एनएसयूआई जिलाध्यक्ष दिलखुश कुमार, ओमप्रकाश पासवान एवं अफरोज खान भी शामिल रहे।

