
कुर्की में थाने की सुस्ती उजागर, डीआईजी के दबाव में 8 फरारों पर कुर्की।
दरभंगा: मिथिला रेंज डीआईजी ने बिरौल थाना कांड संख्या 403/24 के अनुसंधानकर्ता दारोगा मुकेश कुमार के खिलाफ विभागीय कार्रवाई और एसडीपीओ प्रभाकर तिवारी से स्पष्टीकरण मांगा था। खबर सामने आते ही जिला पुलिस हरकत में आई। लंबे समय से लंबित कुर्की कार्रवाई आखिरकार रविवार को अंजाम दी गई।मामले में न्यायालय से पहले ही कुर्की का आदेश जारी हो चुका था, बावजूद इसके बिरौल थाना ने कार्रवाई टाली। आरोप है कि फरार अभियुक्तों को बचाने के मकसद से जानबूझकर देरी की गई।
जिले के एसएसपी जगुनाथ रेड्डी जला रेड्डी ने एसडीपीओ प्रभाकर तिवारी और थानाध्यक्ष को कड़ी फटकार लगाते हुए तत्काल कार्रवाई का निर्देश दिया।रविवार को बिरौल थानाध्यक्ष, प्रभारी पदाधिकारी, पुलिस टीम और अतिरिक्त बल ने कांड संख्या 403/24 (दिनांक 28.10.24) में आठ फरार अभियुक्तों के घरों पर विधिवत कुर्की की।

अभियुक्त हैं- किश कुमार महतो (पिता: स्व. दामोदर महतो), शुभकांत महतो (पिता: सीताराम महतो), रामाकांत महतो (पिता: सीताराम महतो), गीता देवी (पति: किश कुमार महतो), सीताराम महतो (पिता: स्व. दामोदर महतो), भगवंत महतो (पिता: सीताराम महतो), सुमित्रा देवी (पति: शुभकांत महतो) और राज कुमार महतो (पिता: स्व. दामोदर महतो)। सभी ग्राम कहुआ जगदीशपुर, थाना बिरौल, दरभंगा के निवासी हैं।
हत्या जैसे संगीन मामले में कुर्की आदेश लटकाने से कई सवाल खड़े हुए हैं। एसएसपी की सख्ती के बाद पुलिस सक्रिय हुई है, लेकिन लापरवाह अधिकारियों पर आगे विभागीय कार्रवाई का इंतजार है।

