
खेती भी अमेरिका के हवाले करने की तैयारी कर रही सरकार, अमेरिकी उपराष्ट्रपति का विरोध।
दरभंगा: अमेरिकी उपराष्ट्रपति के भारत दौरे के विरोध में दरभंगा जिला किसान काउंसिल ने सोमवार को जिला मुख्यालय पर प्रदर्शन किया। कार्यकर्ताओं ने प्रतिरोध मार्च निकाला और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमेरिकी उपराष्ट्रपति का पुतला दहन किया। किसानों की मांग थी कि अमेरिकी उपराष्ट्रपति जे डी बैंस भारत से वापस जाएं।

प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहे किसान नेता ललन चौधरी ने कहा कि देश गंभीर संकट से गुजर रहा है। देश की बड़ी आबादी खेती पर निर्भर है। पहले तीन कृषि कानून लाकर खेती को खत्म करने की कोशिश की गई। अब सरकार अमेरिका से उत्पादित सामान भारत लाकर किसानों को और नुकसान पहुंचाना चाहती है।

उन्होंने कहा कि सरकार ने रेल, भेल और सेल जैसी बड़ी संस्थाएं निजी हाथों में दे दी हैं। अब खेती भी अमेरिका के हवाले करने की तैयारी है। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सबसे करीबी नेता डोनाल्ड ट्रंप हैं और उन्हीं के इशारे पर देश की नीतियां बन रही हैं।

किसान नेता श्याम भारती ने कहा कि अमेरिकी उपराष्ट्रपति व्यापार समझौते के लिए भारत आ रहे हैं। इससे भारतीय किसानों को भारी नुकसान होगा। उन्होंने कहा कि अमेरिका में किसानों को कई सुविधाएं मिलती हैं, लेकिन भारत में किसान न्यूनतम समर्थन मूल्य के लिए भी संघर्ष कर रहे हैं।

श्याम भारती ने कहा कि पिछले 10 वर्षों में डेढ़ लाख किसानों ने आत्महत्या की है। अगर यह समझौता हुआ तो कर्ज में डूबे किसान और तबाह हो जाएंगे। आत्महत्या की घटनाएं और बढ़ेंगी। उन्होंने कहा कि अखिल भारतीय किसान सभा इस दौरे का विरोध कर रही है ।

उन्होंने कहा कि दरभंगा जिले में भारी फसल क्षति हुई है, लेकिन कृषि पदाधिकारी ने गलत रिपोर्ट भेजी, जिससे किसान मुआवजे से वंचित रह गए। जिले में चार कैबिनेट मंत्री होने के बावजूद किसानों को राहत नहीं मिली।
किसानों ने ऐलान किया कि अगर सरकार नहीं मानी तो दरभंगा के किसान एकजुट होकर बड़ा आंदोलन करेंगे। 24 तारीख को कृषि कार्यालय पर प्रदर्शन किया जाएगा।

