
टीबी मुक्त भारत अभियान के तहत समाजसेवी बने “नि-क्षय मित्र”
दरभंगा: प्रधानमंत्री टीबी मुक्त भारत अभियान के अंतर्गत एक 13 वर्षीय टीबी ग्रसित बालक को पोषाहार सहयोग उपलब्ध कराने के लिए समाजसेवी अजीत कुमार मिश्र ने “नि-क्षय मित्र” बनने की जिम्मेदारी ली है।

अजीत कुमार मिश्र ने बताया कि एक समय था जब टीबी का इलाज महंगा होने के कारण इसे लाइलाज बीमारी माना जाता था। लेकिन वर्ष 2005 में केंद्र सरकार द्वारा राष्ट्रीय यक्ष्मा उन्मूलन कार्यक्रम शुरू किए जाने के बाद से अब मरीजों की पहचान कर उन्हें घर-घर जाकर जांच व मुफ्त दवा उपलब्ध कराई जा रही है। इसके साथ ही मरीज को घर बैठे ही दवा मिल रही है। नतीजतन भारत में काफी हद तक टीबी पर नियंत्रण पाया गया है।

समाज की भागीदारी से साकार होगा लक्ष्य
मिश्र ने कहा कि तीन साल पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा शुरू किए गए प्रधानमंत्री टीबी मुक्त भारत अभियान के तहत बड़ी संख्या में लोग आगे आकर मरीजों को पोषाहार एवं सहयोग प्रदान कर रहे हैं। इससे जल्द ही “टीबी मुक्त भारत” की परिकल्पना साकार होगी।

टीबीडीसी सभागार में जागरूकता कार्यक्रम
प्रधानमंत्री टीबी मुक्त भारत अभियान की तीसरी वर्षगांठ पर टीबीडीसी सभागार में एक कार्यक्रम आयोजित किया गया। इसमें संक्रामक रोग पदाधिकारी डॉ. सत्येन्द्र कुमार मिश्र, जिला प्रतिरक्षण पदाधिकारी डॉ. अमरेंद्र कुमार मिश्र, डॉ. सुप्रिया नारायण व डीपीएम शैलेश चंद्रा तथा रवि कुमार सहित अन्य पदाधिकारी शामिल हुए।

22 मरीजों को मिला पोषाहार सहयोग
कार्यक्रम में चिन्हित कुल 22 टीबी मरीजों को दवा सेवन, खान-पान और स्वच्छ जीवनशैली को लेकर परामर्श दिया गया। इसके बाद सभी मरीजों को पोषाहार उपलब्ध कराया गया।

