
डीएमसीएच के नये रीजनल ब्लड बैंक को जल्द लाइसेंस मिलने की जगी उम्मीद।
दरभंगा: दरभंगा के डीएमसीएच अवस्थित रीजनल ब्लड बैंक को अब जल्द लाइसेंस मिलने की उम्मीद जग गयी है। मंगलवार को चार सदस्यीय टीम ने वहां उपलब्ध सुविधाओं का जायजा लिया। एम्स, पटना के रक्त अधिकोष के विशेषज्ञ डॉ. बंकिम दास के नेतृत्व में टीम दोपहर करीब 12 बजे न्यू सर्जिकल भवन स्थित ब्लड बैंक पहुंची थी। इस टीम में विशेषज्ञ डॉ. जितेंद्र कुमार के अलावा ड्रग इंस्पेक्टर आशुतोष कुमार और सुनीता प्रसाद शामिल थे।

टीम के सदस्यों ने करीब दो घंटे तक ब्लड बैंक का निरीक्षण किया। मानकों के अनुसार वहां उपकरण है या नहीं, इसका जायजा लिया गया। हर महीने ब्लड के लिए कितने मरीज आते हैं और वहां कितना डोनेशन होता है, इसकी भी जानकारी ली गई। टीम के सदस्यों ने वहां लगी अफ्रेसिस मशीन का भी जायजा लिया। सूत्रों ने अनुसार निरीक्षण के दौरान टीम ने कुछ खामियां भी इंगित की। विशेषज्ञों ने कहा कि ब्लड बैंक में एसी से पर्याप्त कूलिंग नहीं हो रही है। इसमें सुधार की जरूरत है। वहां पंखे टांगें देख भी उन्होंने आपत्ति व्यक्त की। सदस्यों ने कहा कि मानकों के अनुसार ब्लड बैंक में पंखों की कोई जगह नहीं है। पंखा हटाकर कूलिंग बेहतर करने का निर्देश दिया गया।ब्लड बैंक के प्रवेश गेट पर पर्दा टांगने को भी कहा गया। टीम की रिपोर्ट के आधार पर लाइसेंस प्रदान करने का निर्णय लिया जाएगा।

बता दें कि पूर्व में ब्लड बैंक का संचालन पुरानी सर्जिकल बिल्डिंग में किया जा रहा था। जगह बदलने की वजह से इसे दोबारा लाइसेंस लेने की जरूरत है। फिलहाल ब्लड बैंक का संचालन न्यू सर्जिकल बिल्डिंग की चौथी मंजिल पर हो रहा है।


