
दूध में जहर देकर विवाहिता की हत्या, दूसरी पत्नी का डर बना कारण।
दरभंगा: दरभंगा जिले के घनश्यामपुर थाना क्षेत्र के देवथा गांव में एक विवाहिता की संदिग्ध मौत के बाद हत्या का मामला सामने आया है। मायका पक्ष ने दामाद घूरन यादव और उसकी दूसरी पत्नी रुक्मणी पर दूध में जहर देकर हत्या का आरोप लगाया है।
मृतका अनोखा देवी की चार साल पहले मधुबनी जिले के भेजा थाना क्षेत्र के भेलाही टोला में घूरन यादव से शादी हुई थी। मायका पक्ष के अनुसार, शादी के 10 दिन बाद ही पति ने उसे मायके छोड़ दिया। गर्भवती होने पर अनोखा ने बेटे को जन्म दिया।
आरोप है कि गर्भावस्था के सातवें महीने में ही घूरन ने पत्नी की नाबालिग चचेरी बहन रुक्मणी को बहला-फुसलाकर दिल्ली ले जाकर शादी कर ली और तीन साल तक इसे छिपाया।
दो महीने पहले भैसुर ने भरोसा दिलाया कि अनोखा को मान-सम्मान दिया जाएगा। मायका पक्ष भरोसे में आकर उसे ससुराल भेज दिया, लेकिन बेटे को रख लिया। परिजनों का दावा है कि यह साजिश थी। ससुराल पहुंचने पर दूध में जहर मिलाकर पिलाया गया और भूसा घर में छिपा दिया गया। पांच-छह दिन बाद ग्रामीणों के जरिए खबर मिली।
परिजन अनोखा को दरभंगा मेडिकल कॉलेज अस्पताल (डीएमसीएच) ले आए। आरोप है कि पति ने साजिश रचकर उसे निजी अस्पताल शिफ्ट करा दिया। 10 दिनों के इलाज के दौरान देर रात उसकी मौत हो गई। घूरन दीवार फांदकर फरार हो गया।
मायका पक्ष ने चार लाख रुपये इलाज पर खर्च किए। डिलीवरी में भी कोई मदद नहीं की।मृतका के भाई कुलदीप यादव ने कहा, “ससुराल वालों ने बहला-फुसलाकर ले जाया। जहर देकर भूसा घर में छिपाया। पंचायत में दोनों बहनों के साथ रहने का वादा किया, लेकिन हत्या कर दी।” मां इंदिरा कला देवी ने बताया कि शादी में पांच लाख नकद, बाइक, फर्नीचर और गहने दिए थे। अब साढ़े तीन साल का मासूम बेटा अनाथ है।
बहन सुलेखा देवी ने घूरन, रुक्मणी और ससुराल पक्ष पर हत्या का आरोप लगाया।
बेंता पुलिस शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेजने की तैयारी कर रही है। परिजनों के बयान पर प्राथमिकी दर्ज करने की प्रक्रिया चल रही है। समाजसेवी प्रियंका झा ने इसे “दरिंदगी की हद” बताया। उन्होंने निष्पक्ष जांच, सख्त सजा, मासूम बच्चे को संरक्षण और पीड़ित परिवार को न्याय की मांग की। परिजन आरोपी पक्ष की गिरफ्तारी और हत्या की धाराओं में कार्रवाई की गुहार लगा रहे हैं।

