
बेटे को खो दिया, बेटी को नहीं खो सकते’- नवोदय से टीसी लेने पर अड़े परिजन।
दरभंगा: जवाहर नवोदय विद्यालय, केवटी में आठवीं कक्षा के छात्र जतिन गौतम की संदिग्ध परिस्थिति में हुई मौत के बाद परिजन अब तक इस दर्दनाक हादसे से उबर नहीं पाए हैं। भाजपा नेता संतोष साहू, जो जतिन के पिता हैं, न्याय की आस में अब तक जिला प्रशासन, पुलिस और नवोदय विद्यालय संगठन के चक्कर काट रहे हैं, लेकिन उन्हें संतोषजनक कार्रवाई का इंतजार है।

इकलौते बेटे की मौत के बाद अब वह अपनी बेटी आंचल को लेकर कोई जोखिम नहीं उठाना चाहते हैं। आंचल नवोदय विद्यालय में कक्षा 11वीं की छात्रा है, लेकिन अब वह वहां पढ़ाई जारी रखने को तैयार नहीं है। 26 जुलाई को संतोष साहू ने बेटी की टीसी के लिए विद्यालय प्राचार्य को आवेदन दिया।

सूत्रों के अनुसार, आवेदन मिलते ही प्राचार्य विजय कुमार स्वयं शनिवार को उनके घर पहुंचे और आंचल तथा परिजनों को समझाने-बुझाने का प्रयास किया। उन्होंने भरोसा दिलाया कि विद्यालय का माहौल बदल गया है, स्कूल घर के नजदीक है और यहां से 12वीं तक की पढ़ाई आसानी से पूरी की जा सकती है। लेकिन परिजन अपनी जिद पर अड़े रहे। आंचल ने भी स्पष्ट कर दिया कि वह छात्रावास में नहीं रहना चाहती और नवोदय में अब आगे पढ़ाई जारी नहीं रखेगी।

गौरतलब है कि 8 जुलाई को जतिन गौतम की लाश विद्यालय के छात्रावास में फंदे से लटकती मिली थी। घटना ने पूरे जिले को झकझोर दिया था। परिजन इसे आत्महत्या मानने को तैयार नहीं हैं। मामले की जांच प्रशासनिक स्तर पर की गई है। डीएम कौशल कुमार ने बताया कि जांच रिपोर्ट मिल चुकी है और रिपोर्ट के आधार पर कुछ शिक्षकों को हटाने की अनुशंसा जवाहर नवोदय विद्यालय समिति के आयुक्त को भेजी गई है।

इधर, पुलिस अपनी ओर से भी जांच कर रही है। विद्यालय में बच्चों की सुरक्षा को लेकर उठे सवालों के बीच कई अभिभावकों ने भी अपने बच्चों का टीसी लेने की बात कही है।
संतोष साहू ने कहा, “हम हर उस जगह जा रहे हैं जहां बुलाया जाता है — कभी डीएम, कभी एसएसपी, तो कभी जांच समिति। अब बेटी की सुरक्षा को लेकर कोई चूक नहीं करना चाहते।”
इस घटना के बाद नवोदय विद्यालय में बच्चों की सुरक्षा, निगरानी और व्यवस्थाओं को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।

