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मखाना के उत्पादन से निर्यात तक गुणवत्ता पर जोर, किसानों की आय बढ़ाने की बनेगी रणनीति

दरभंगा: प्रधानमंत्री धन-धान्य कृषि योजना के क्रियान्वयन एवं जिले में मखाना उत्पादन, प्रसंस्करण और निर्यात को बढ़ावा देने को लेकर सोमवार को समाहरणालय स्थित बाबा साहेब डॉ. भीमराव आंबेडकर सभागार में समीक्षा बैठक हुई। भारत सरकार के वाणिज्य विभाग के संयुक्त सचिव साकेत कुमार की अध्यक्षता में हुई बैठक में जिलाधिकारी कौशल कुमार सहित विभिन्न विभागों के पदाधिकारी, मखाना उत्पादक और एक्सपोर्टर शामिल हुए।

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बैठक में जिले में मखाना की खेती, उत्पादन, गुणवत्ता, प्रसंस्करण और निर्यात की स्थिति की समीक्षा की गई। संयुक्त सचिव ने मखाना उत्पादकों एवं एक्सपोर्टरों से निर्यात के दौरान आने वाली समस्याओं और गुणवत्ता से जुड़ी चुनौतियों की जानकारी ली। उन्होंने मखाना उत्पादकों को अधिक से अधिक जीआई टैग से जोड़ने पर जोर दिया। कहा कि मखाना की विशिष्ट पहचान और गुणवत्ता बनाए रखने में जीआई टैग की महत्वपूर्ण भूमिका है।

उन्होंने एपीडा के माध्यम से बिहार से मखाना के निर्यात को बढ़ावा देने की आवश्यकता जताई। कहा कि अंतरराष्ट्रीय बाजार की मांग के अनुरूप मखाना के उत्पादन, प्रसंस्करण, पैकेजिंग और गुणवत्ता मानकों को बेहतर करना होगा।

जिलाधिकारी कौशल कुमार ने एक्सपोर्टरों को मखाना की गुणवत्ता पर विशेष ध्यान देने का निर्देश दिया। उन्होंने जीआई टैग के लिए पंजीकरण बढ़ाने तथा मखाना विकास योजना के तहत उत्पादन क्षेत्र के विस्तार पर जोर दिया। उन्होंने बताया कि पिछले वर्ष जिले के 890 किसानों को मखाना विकास योजना का लाभ मिला है।

मखाना अनुसंधान केंद्र के पदाधिकारी ने बताया कि पिछले दो वर्षों में करीब पांच हजार किसानों को मखाना की खेती का प्रशिक्षण दिया गया है। बैठक में संयुक्त सचिव ने मखाना आधारित उत्पादों को अंतरराष्ट्रीय बाजार में पहचान दिलाने के लिए गुणवत्ता मानकों के पालन पर जोर दिया। उन्होंने उत्पादन से लेकर प्रसंस्करण और पैकेजिंग तक गुणवत्ता सुनिश्चित करने को आवश्यक बताया।

उन्होंने मखाना के निर्यात में Certificate of Origin (उत्पत्ति प्रमाण-पत्र) के महत्व की भी जानकारी दी। कहा कि इससे विदेशों में मखाना के मूल स्थान और उत्पाद की पहचान सुनिश्चित करने में सुविधा होगी।

एयरपोर्ट से कार्गो सुविधा और पैक हाउस की मांग

बैठक में मखाना एक्सपोर्टरों ने दरभंगा एयरपोर्ट से कार्गो सुविधा उपलब्ध कराने का सुझाव दिया। इससे मखाना को देश-विदेश के बाजारों तक कम समय में पहुंचाने में मदद मिलेगी। इसके अलावा मखाना के भंडारण, प्रसंस्करण और निर्यात को सुगम बनाने के लिए पैक हाउस विकसित करने की मांग भी रखी गई। संयुक्त सचिव ने संबंधित पदाधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई और कार्यशाला आयोजित करने का निर्देश दिया।

इसके बाद प्रधानमंत्री धन-धान्य कृषि योजना के तहत जिले में कृषि उत्पादन एवं उत्पादकता, फसल विविधीकरण, सिंचाई सुविधाओं के विस्तार, मृदा स्वास्थ्य, उन्नत कृषि तकनीक, किसानों की आय बढ़ाने और विभिन्न योजनाओं के अभिसरण की समीक्षा की गई।

संयुक्त सचिव ने सभी विभागों को आपसी समन्वय के साथ परिणामोन्मुखी कार्ययोजना तैयार कर योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि केंद्र और राज्य सरकार की किसान हितैषी योजनाओं का लाभ समय पर किसानों तक पहुंचना चाहिए। कृषि क्षेत्र के उपलब्ध संसाधनों का बेहतर उपयोग कर किसानों की आय बढ़ाने तथा कृषि उत्पादों को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय बाजार से जोड़ने की दिशा में प्रभावी कार्य करने पर भी जोर दिया गया।

बैठक में सहायक समाहर्ता कल्पना रावत, विष्णु कांत, डॉ. सी.वी. सिंह, उप विकास आयुक्त स्वप्निल, जिला कृषि पदाधिकारी डॉ. सिद्धार्थ सहित विभिन्न विभागों के जिला स्तरीय पदाधिकारी मौजूद रहे। मखाना उत्पादक और एक्सपोर्टर भी बैठक में शामिल हुए।

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