
राहुल गांधी ने पूर्व निर्धारित स्थल पर ही किया संवाद, कार्यक्रम रोकने में दरभंगा प्रशासन विफल।
दरभंगा: लोकसभा के नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के दरभंगा में निर्धारित कार्यक्रम को लेकर काफी हाइवोल्टेज ड्रामा चला। उनका दरभंगा में अंबेडकर छात्रावास में दरभंगा में NSUI के ‘शिक्षा न्याय संवाद’ में शामिल होने कार्यक्रम तय था। परंतु कार्यक्रम की पूर्व संध्या पर ही जिला प्रशासन द्वारा इसे रद्द कर दिया गया। हंगामा होने पर पुनः विधान पार्षद डॉ मदन मोहन झा के आवेदन पर टाउन हॉल में संवाद की अनुमति दी गयी। पर काँग्रेस कार्यकर्ता अंबेडकर छात्रावास में ही कार्यक्रम करने पर अड़े रहे।

गुरुवार को राहुल गांधी के दरभंगा पहुंचने के पहले पुलिस प्रशासन और कार्यकर्ता आमने-सामने आ गए थे। राहुल दलित- माइनॉरिटी कम्युनिटी के छात्रों से बातचीत करना चाहते थे, लेकिन प्रशासन ने उन्हें छात्रावास में बातचीत की परमिशन नहीं दी थी। उन्हें दरभंगा के टाउन हॉल में बातचीत की परमिशन दी गई थी, लेकिन राहुल टाउन हॉल ना जाते हुए पैदल छात्रावास ही पहुंचे। कुछ ही मिनट के संबोधन के बाद सभा खत्म हो गई।

इसके पहले राहुल के काफिले को दरभंगा की ललित नारायण मिथिला यूनिवर्सिटी कैंपस से तीन किमी पहले ही रोक दिया गया। जिला प्रशासन से अनुमति न मिलने बावजूद राहुल गांधी दरभंगा के अंबेडकर छात्रावास पहुंचे। वे छात्रों से संवाद तो नहीं कर पाए, लेकिन उन्होंने मंच से छात्रों को संबोधित किया।

NSUI के शिक्षा न्याय संवाद कार्यक्रम में शामिल होने पहुंचे राहुल का संबोधन महज 12 मिनट में खत्म हो गया। इस दौरान उन्होंने अंबेडकर की तस्वीर भी लहराई। राहुल कार्यक्रम स्थल पर 15 मिनट रुके।

दरभंगा में राहुल गांधी ने अपने संबोधन में कहा कि 24 घंटे अत्याचार हो रहा है। आपके खिलाफ पेपर लीक हो रहा है। आपको बोलने नहीं दिया जा रहा है। सही तरीके से जातीय जनगणना होना चाहिए।
उन्होंने कहा कि 90 प्रतिशत आबादी के लिए इस देश में कोई रास्ता नहीं है। सीनियर ब्यूरोक्रेसी में आपके लोग जीरो, डॉक्टर में आपके कितने लोग..जीरो, एजुकेशन सिस्टम में आपके कितने लोग जीरो, मेडिकल सिस्टम के मालिकों को देखो तो जीरो।
‘मनरेगा की लिस्ट देखो तो सारे के सारे लोग आपके हैं। मजदूरों की लिस्ट निकालो तो आपके लोगों से भरी पड़ी है। सारा का सारा धन और ठेकेदारी 8-10 प्रतिशत लोगों के हाथों में जाता है।’
‘आपको इधर-उधर की बात सुनाकर ध्यान भटका दिया जाता है। लेकिन आपको एक साथ खड़ा होना है। बिहार की पुलिस ने मुझे रोकने की कोशिश की, लेकिन वे मुझे नहीं रोक पाई, क्योंकि आप सभी की शक्ति मेरे पीछे है। इसलिए दुनिया की कोई शक्ति नहीं रोक पाएगी।’
‘लोकसभा में हमने प्रधानमंत्री मोदी से कहा कि आपको जाति जनगणना करनी पड़ेगी। संविधान को माथे से लगाना पड़ेगा। आपके दबाव से पीएम ने जातीय जनगणना कराने का ऐलान किया। लेकिन वो लोकतंत्र, संविधान और जाति जनगणना के खिलाफ हैं। यह अडाणी-अंबानी की सरकार है।’
राहुल गांधी ने 3 मांगे भी कीं। उन्होंने कहा कि देश में सही से जातीय जनगणना हो। प्राइवेट यूनिवर्सिटी में दलित, ओबीसी और आदिवासी को आरक्षण का लाभ मिले। दलितों, आदिवासियों को उनके हक का पैसा मिले।

