
अथक-अविराम’ का लोकार्पण, लेखन-यात्रा पर हुई चर्चा।
दरभंगा: मैथिली साहित्य की नई कृति ‘अथक-अविराम’ का लोकार्पण एवं परिचर्चा रविवार को मिथिला विश्वविद्यालय के प्रबंधन विभाग सभागार में आयोजित हुई। आयोजन किसुन संकल्प लोक द्वारा किया गया। अध्यक्षता वरिष्ठ साहित्यकार डॉ. सुभाष चंद्र यादव ने की, जबकि संचालन किसलय कृष्ण ने तथा अतिथियों का स्वागत कथाकार केदार कानन ने किया।

लेखक डॉ. भास्कर ज्योति ने अपनी लेखन-यात्रा और इस कृति से जुड़े अनुभव श्रोताओं के साथ साझा किए। अतिथि वक्ता डॉ. भीमनाथ झा ने कहा कि यह यात्रा-वृतांत आरंभ से अंत तक पाठकों को बांधे रखेगा और इसे बीच में छोड़ने का मन नहीं करेगा। डॉ. नारायण झा ने पुस्तक की भाषा-शैली और संपादन की सराहना करते हुए कहा कि इसमें लेखन और प्रकाशन का उत्कृष्ट सामंजस्य देखने को मिलता है।

इस अवसर पर डॉ. अशोक मेहता, रमाकांत रमण, मनोज कुमार, परमानंद मिश्र, कुमार विक्रमादित्य, प्रवीण कुमार प्रभंजन एवं प्रवीण नारायण समेत कई साहित्यकारों ने विचार रखे और पुस्तक की महत्ता पर प्रकाश डाला।


