Home Featured पोखर बचाने वाले सिद्धौली मुखिया नागेश्वर दास को तालाब बचाओ अभियान का सम्मान।
Featured - मुख्य - January 18, 2026

पोखर बचाने वाले सिद्धौली मुखिया नागेश्वर दास को तालाब बचाओ अभियान का सम्मान।

दरभंगा: प्रो. विद्यानाथ झा की अध्यक्षता में मैथिली साहित्य परिषद् के प्रांगण में ‘तालाब बचाओ अभियान’ की बैठक हुई। इसमें सिधौली ग्राम पंचायत के मुखिया नागेश्वर दास को पाग और चादर ओढ़ाकर सम्मानित किया गया।

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मुखिया दास ने बताया कि 2018 से वे अपनी पंचायत के ‘अनार पोखर’ को भूमाफियाओं के अतिक्रमण से मुक्त कराने के लिए संघर्षरत हैं। उनके प्रयासों से जिलाधिकारी ने 2020 में भूमाफियाओं के नाम जमाबंदी रद्द की और हायाघाट अंचलाधिकारी को खतियान से नाम हटाने के लिए जिला न्यायालय में केस (संख्या 204/21) दायर करने का आदेश दिया। लेकिन प्रशासनिक उदासीनता और अंचलाधिकारी की मिलीभगत से यह केस पांच साल से लंबित है, तथा तालाब अब भी कब्जे में बना हुआ है।

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बैठक में हराही, दिग्घी और गंगासागर झीलों के बुडको द्वारा प्रस्तावित सौंदर्यीकरण का जमकर विरोध हुआ। वेटलैंड (कंजर्वेशन एंड मैनेजमेंट) रूल्स, 2017 के तहत 2.5 हेक्टेयर से बड़े वेटलैंड्स की जिम्मेदारी बिहार स्टेट वेटलैंड्स ऑथोरिटी की है, इसलिए बुडको का हस्तक्षेप नियमों की अवहेलना है। इससे सर्वोच्च न्यायालय और नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल को गुमराह करने का मामला भी बनेगा, जहां ऑथोरिटी के प्रतिनिधि पक्ष रखते हैं। मोतिहारी की मोती झील को बुडको ने ‘रेस्टोरेशन’ के नाम पर अपूरणीय क्षति पहुंचाई, जो उनकी अक्षमता को उजागर करता है। ये झीलें 1000 वर्ष पुराना ‘वेटलैंड काम्प्लेक्स’ हैं, जो नदियों से जुड़ी हैं, लेकिन बुडको ने इनकी विशेषताओं की पूरी तरह अनदेखी की है।

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बैठक में राज्य सरकार को स्मार पत्र देने का फैसला हुआ। इसमें प्रो. शारदा नंद चौधरी, इंदिरा कुमारी, डॉ. अशोक कुमार सिंह, तसीम नवाब, अजित कुमार मिश्र, अविनाश भास्कर, कन्हैया चौधरी, मनोज कुमार साह, ललित कुमार झा, प्रिंस कुमार दास, नारायण जी चौधरी आदि शामिल हुए।

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