Home Featured अब पोस्टमार्टम रिपोर्ट भी डिजिटल, बिहार पुलिस पोर्टल से एक क्लिक पर मिलेगी 15 सेवाएं।

अब पोस्टमार्टम रिपोर्ट भी डिजिटल, बिहार पुलिस पोर्टल से एक क्लिक पर मिलेगी 15 सेवाएं।

दरभंगा:  बिहार पुलिस अब तकनीकी मोर्चे पर बड़ा कदम उठाने जा रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट अब डिजिटल लिंक के जरिए मिलेगी और पुलिस से जुड़ी 15 अहम सेवाएं ऑनलाइन एक पोर्टल पर उपलब्ध होंगी। इसके लिए ‘नागरिक सेवा पोर्टल’ अगले 30 दिनों में लॉन्च किया जा रहा है। इस पोर्टल के जरिए आम लोगों को थाने जाने की जरूरत नहीं होगी, बल्कि एफआईआर की कॉपी, किरायेदार या ड्राइवर का सत्यापन, गुमशुदगी की रिपोर्ट समेत अन्य सेवाएं अब ऑनलाइन ही मिलेंगी।

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बिहार पुलिस मुख्यालय ने इसे कानून-व्यवस्था में पारदर्शिता और जवाबदेही बढ़ाने की दिशा में एक क्रांतिकारी पहल बताया है। आदेश में कहा गया है कि इससे जनता को सरल, पारदर्शी और सुरक्षित सेवाएं मिलेंगी।

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डिजिटल होगा पोस्टमार्टम सिस्टम
अब पोस्टमार्टम से जुड़ी रिपोर्ट पुलिस के रिकॉर्ड में सीधे डिजिटल रूप में अपडेट होगी। इसके लिए स्वास्थ्य विभाग के एमएलसी और पोस्टमार्टम मॉड्यूल को पुलिस के सीसीटीएनएस सिस्टम से जोड़ दिया गया है। मेडलीपीआर एप के जरिए यह कनेक्टिविटी संभव हुई है। इससे मृत्यु प्रमाणपत्र और गंभीर घटनाओं की मेडिकल रिपोर्ट तुरंत पुलिस रिकॉर्ड में दर्ज हो सकेगी।

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200 मोबाइल-लैपटॉप खरीदे, CID से जुड़ा सिस्टम
अन्वेषण प्रक्रिया में तेजी लाने के लिए सीआईडी के अन्वेषण पदाधिकारियों को एसएमएस सेवा से जोड़ा गया है। इसके लिए लगभग 200 मोबाइल फोन और लैपटॉप खरीदे गए हैं, जिससे फील्ड में त्वरित और सटीक जानकारी पहुंचाना संभव हो सकेगा।

15 सेवाएं मिलेंगी पोर्टल पर
नागरिक सेवा पोर्टल पर तीन प्री-लॉगिन और 12 पोस्ट-लॉगिन सेवाएं उपलब्ध होंगी:

प्री-लॉगिन सेवाएं:

  • एफआईआर की कॉपी प्राप्त करना
  • गुप्त सूचना देना
  • इनामी अपराधियों की जानकारी लेना

पोस्ट-लॉगिन सेवाएं:

  • गुम या खोई संपत्ति की रिपोर्ट
  • गुमशुदा व्यक्ति की रिपोर्ट
  • किरायेदार, घरेलू सहायक और चालक का सत्यापन
  • वरिष्ठ नागरिक पंजीकरण
  • ई-शिकायत दर्ज करना
  • अज्ञात व्यक्ति या शव की सूचना देना
  • गिरफ्तार या वांछित अपराधियों की जानकारी
  • गुमशुदा व्यक्ति की पुनः खोज

जनता को राहत, पुलिस को सुदृढ़ तकनीक
यह पोर्टल आम लोगों के लिए पुलिस सेवाओं को सुलभ बनाएगा, वहीं पुलिस विभाग के कामकाज को डिजिटल और ट्रैक करने योग्य बनाएगा। इससे कानून-व्यवस्था में पारदर्शिता और भरोसा दोनों बढ़ेगा।

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