Home Featured बेटे के इंसाफ की लड़ाई में हार गई मां- सिस्टम की चुप्पी ने ले ली जिंदगी!
Featured - क्राइम - मुख्य - December 30, 2025

बेटे के इंसाफ की लड़ाई में हार गई मां- सिस्टम की चुप्पी ने ले ली जिंदगी!

दरभंगा: जिला में इंसाफ की उम्मीद लगाए एक मां की जिंदगी भी आखिरकार थम गई। तीन महीने पहले स्कूल हॉस्टल में बेटे की संदिग्ध मौत के बाद मां लगातार न्याय की गुहार लगा रही थी। लेकिन जब सुनवाई नहीं हुई, तो टूटकर उसने भी जिंदगी से मुंह मोड़ लिया।

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लहेरियासराय थाना क्षेत्र की रहने वाली 35 वर्षीय मनीषा कुमारी ने रविवार को सल्फास की गोली खा ली थी। तबीयत बिगड़ने पर उसे स्थानीय अस्पताल से DMCH रेफर किया गया, जहां मंगलवार को इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। यह वही मनीषा थी, जिसके 9 वर्षीय बेटे कश्यप कुमार की लाश 7 अक्टूबर को एक कॉन्वेंट स्कूल के हॉस्टल में फंदे से लटकी मिली थी।

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परिजनों के मुताबिक, कश्यप दूसरी कक्षा का छात्र था और मात्र एक महीने पहले ही स्कूल के हॉस्टल में भर्ती हुआ था। घटना वाले दिन सुबह मामा शिवशंकर कुमार खुद उसे स्कूल छोड़ने गए थे, लेकिन शाम को उसकी मौत की खबर मिली।कश्यप की मौत के बाद परिवार ने स्कूल प्रबंधन पर पिटाई कर हत्या करने और आत्महत्या का रूप देने का आरोप लगाया था।

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मनीषा ने मामले की जांच की मांग की थी, लेकिन पुलिस ने बच्चे की मौत को आत्महत्या बताकर फाइल बंद कर दी। परिजनों का कहना है कि जांच की मांग करने पर भी मनीषा को बार-बार थाने से टाल दिया गया। न्याय न मिलने और प्रशासन की लापरवाही से वह मानसिक रूप से टूटती चली गई। आखिरकार रविवार की शाम उसने जहर खाकर अपनी जीवनलीला समाप्त कर ली।

मनीषा के पति लव कुमार ने पत्नी की मौत के लिए पुलिस-प्रशासन को जिम्मेदार ठहराया है। उन्होंने कहा कि “अगर समय रहते बेटे की मौत की निष्पक्ष जांच होती, तो आज मेरी पत्नी जिंदा होती।”परिवार अब एक बार फिर से बेटे और मां दोनों की मौत की निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग कर रहा है। ग्रामीणों का कहना है, इंसाफ की आस में दो जिंदगियां चली गईं, लेकिन सवाल वही का वही है- क्या अब भी कोई जवाब मिलेगा?

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