Home Featured काकोढ़ा गांव में हुए बिजली हादसा मामले में निलंबित किए गए थानाध्यक्ष।

काकोढ़ा गांव में हुए बिजली हादसा मामले में निलंबित किए गए थानाध्यक्ष।

दरभंगा: मुहर्रम के दौरान 5 जुलाई की शाम 6:30 बजे तारडीह प्रखंड के काकोढ़ा गांव में हाई वोल्टेज बिजली का तार गिरने से एक व्यक्ति की मौत हो गई थी। 25 लोग घायल भी हुए थे। घटना की जांच के लिए अपर समाहर्त्ता (लोक शिकायत निवारण) सह जिला लोक शिकायत निवारण पदाधिकारी और पुलिस अधीक्षक, ग्रामीण को निर्देश दिया गया था।

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जांच रिपोर्ट 9 जुलाई को सौंपी गई। रिपोर्ट में कहा गया कि मुहर्रम से पहले हुई बैठक में जुलूस के समय बिजली आपूर्ति अस्थायी रूप से बंद करने और ऊंचे झंडे व ताजिया पर निगरानी रखने के निर्देश दिए गए थे। इन निर्देशों का पालन नहीं हुआ। इसी कारण हादसा हुआ।

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बिजली कार्यपालक अभियंता, बेनीपुर ने बताया कि उनके किसी भी अधिकारी या लाइनमैन को काकोढ़ा में बिजली काटने का निर्देश नहीं मिला था। वरीय पुलिस अधीक्षक जगुनाथ रेड्डी जलारेड्डी ने बताया कि सकतपुर थानाध्यक्ष मनीष कुमार मौके पर मौजूद थे। इसके बावजूद उन्होंने बिजली काटने का निर्देश नहीं दिया। यह प्रशासनिक लापरवाही और विधि-व्यवस्था में गंभीर चूक मानी गई।

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उन्होंने कहा कि जांच में थानाध्यक्ष मनीष कुमार को कर्तव्य में लापरवाही का दोषी पाया गया। उनके खिलाफ विभागीय कार्रवाई की अनुशंसा की गई। रिपोर्ट से सहमति जताते हुए उन्हें तत्काल प्रभाव से निलंबित कर जीवन यापन भत्ता पर रखा गया है। निलंबन अवधि में उनका मुख्यालय पुलिस केंद्र, दरभंगा रहेगा।

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तारडीह प्रखंड के ककोढा गांव में मुहर्रम के जुलूस के दौरान बड़ा हादसा हो गय थाा। जुलूस में लहराया जा रहा झंडा 11 हजार वोल्ट के बिजली तार से टकरा गया था। तेज झटका लगते ही तार टूटकर नीचे गिरा गया था। करंट से एक व्यक्ति की मौत हो गई।

घटना की जानकारी मिलते ही एक दर्जन से ज्यादा एम्बुलेंस मौके पर पहुंची थी। गंभीर घायलों को दरभंगा डीएमसीएच लाया गय थाा। कई घायलों को निजी अस्पतालों में भर्ती कराया गया था। गांव वालों का कहना था कि 50 से ज्यादा लोग करंट से झुलसे थे। सभी अलग-अलग अस्पतालों में इलाज करा रहे थे।

घटना का लाइव वीडियो भी सामने आया था। इसमें सैकड़ों की भीड़ जुलूस में लाठी-डंडे भांजते, बैंड-बाजे की धुन पर झूमते नजर आ रहे थे। महिलाएं और बच्चे भी जुलूस में शामिल थे। जैसे ही जुलूस चौकी मिलान के लिए पहुंचा, झंडे का सिरा बिजली के तार से छू गया। तेज आवाज के साथ करंट फैला और लोग गिरने लगे। कुछ देर बाद ग्रामीण अपनों को खोजते और घायलों की मदद करते दिखे।

सूचना पर प्रशासन और अतिरिक्त पुलिस बल मौके पर पहुंचा था। घायलों को अस्पताल पहुंचाने का काम शुरू किया गया था। कई लोग खुद ही अस्पताल पहुंच गए थे।

ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि हर साल मुहर्रम के जुलूस के समय बिजली काट दी जाती थी। इस बार बिजली नहीं काटी गई, जिससे हादसा हुआ। इसे बड़ी लापरवाही बताया गया। लोगों ने पूछा कि जब हर साल बिजली काटी जाती थी, तो इस बार क्यों नहीं की गई।

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