
कोलकाता में मजदूरी के दौरान मजदूर की मौत, चार बच्चे अनाथ।
दरभंगा: जिले के हरिहरपुर पंचायत के निकासी गांव में बुधवार को कोलकाता से मजदूर रेबी दास (55 वर्ष) की लाश पहुंचने पर पूरा गांव शोकाकुल हो गया। पत्नी के निधन के बाद अकेले चार बच्चों का पालन-पोषण करने वाले रेबी की मौत से अब वे बच्चे पूरी तरह बेसहारा हो गए हैं।

परिजनों के अनुसार, रेबी दास 3 अक्टूबर को कोलकाता के बड़े बाजार थाना क्षेत्र के मछुआ बाजार में मजदूरी के लिए घर से निकले थे। वह कड़ी मेहनत से परिवार का भरण-पोषण कर रहे थे। एक रिश्तेदार ने बताया कि काम के दौरान रेबी को चोट लग गई, जिससे उनकी हालत बिगड़ गई। कोलकाता के पीजी अस्पताल में बेड न मिलने पर उन्हें चितरंजन अस्पताल और फिर मेडिकल कॉलेज अस्पताल ले जाया गया, लेकिन मंगलवार को इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई।

मृतक की बड़ी पुत्री रूना कुमारी ने भावुक होकर कहा, “माता-पिता दोनों अब नहीं रहे। हम चार भाई-बहन हैं, मैं सबसे बड़ी हूं। मां की मौत के बाद पिता ही सहारा थे, अब भरण-पोषण कौन करेगा?” उन्होंने सरकार से तत्काल मदद की गुहार लगाई।मृतक की भाभी मालती देवी ने बताया कि रेबी चार छोटे बच्चों के एकमात्र सहारे थे। “कोलकाता मजदूरी के लिए गए थे, लेकिन वहीं निधन हो गया। घर-द्वार नहीं, सिर्फ झोपड़ी में रहते थे। बच्चों की पढ़ाई और भोजन के लिए सरकारी सहायता जरूरी है।”

ग्रामीण जगदीश दास ने कहा, “परिवार आर्थिक रूप से कमजोर है। स्थानीय जनप्रतिनिधियों से मदद की अपील है। चुनाव के समय गरीबों के साथ खड़े होने वाले को ही समर्थन मिलेगा।”ग्रामीण अखिलेश दास ने आरोप लगाया कि रेबी चार दिन पहले ही कोलकाता गए थे। “समाज से कर्ज लेकर शव लाया गया, लेकिन कोई नेता मदद के लिए नहीं आया। सिर्फ वोट लेने आते हैं। अब चार अनाथ बच्चों का भविष्य कौन संभालेगा?” परिजनों और ग्रामीणों ने आपसी सहयोग से एंबुलेंस से शव कोलकाता से गांव लाया।ग्रामीणों की मांग है कि सरकारी योजनाओं के तहत बच्चों के लिए भोजन, आवास और शिक्षा की तत्काल व्यवस्था हो, ताकि वे अभिभावकविहीन संकट से उबर सकें।


