
घूस मांगने के आरोप में दरोगा को किया गया निलंबित।
दरभंगा: कानून से ऊपर कोई नहीं है। खुद कानून के रखवाले भी यदि कानून तोड़ते हैं तो उनपर भी कारवाई होगी। इसी का उदाहरण प्रस्तुत क्रय हुए दरभंगा के एसएसपी जगुनाथ रेड्डी ने कारवाई की है। एसएसपी ने जमालपुर थाने में पदस्थापित दारोगा अजीत कुमार को एक कांड में 15 हजार रुपये घूस मांगने के आरोप में निलंबित कर दिया है।

एसएसपी ने रविवार को यह जानकारी देते हुए बताया कि बिरौल एसडीपीओ को मामले की जांच कर प्रतिवेदन सौंपने को कहा गया था। एसडीपीओ ने जांच कर प्रतिवेदन सौंप दिया है। इसमें उल्लेख किया गया है जमालपुर थाना क्षेत्र के झगरुआ गांव के रहने वाले मो. नजीर आलम ने जमालपुर थाने में प्राथमिकी दर्ज करवाई थी। इसमें आगे की कार्रवाई के लिए 15 हजार रुपये घूस की मांग दारोगा ने की थी। इसका ऑडियो क्लिप आवेदनकर्ता के पास था।

एसडीपीओ ने जांच के दौरान जमालपुर थानाध्यक्ष से जानकारी ली तो पता चला कि दारोगा अजीत कुमार काफी मनबढू किस्म के पदाधिकारी हैं। वे 22 मई को दरभंगा कोर्ट में गवाही देने के लिए थाने से रवाना हुए। गवाही देने के बाद वहीं से तीन दिनों की छुट्टी पर चले गए। उसी दिन संध्या में उनके निजी मोबाईल पर फोन कर जमालपुर थाने में दर्ज मामले में अभियुक्तों के संबंध में कुछ पूछताछ करने पर उन्होंने अमार्यादित शब्दों का प्रयोग किया।

इस संबंध में इनके विरुद्ध जमालपुर थाने में सनहा दर्ज किया गया है। थानाध्यक्ष ने यह भी कहा कि पुअनि अजीत कुमार कांड आदि के अनुसंधान में भी मनमानी करते हैं तथा पैसे की भी मांग करते रहते हैं। जब भी उन्हें किसी ड्यूटी के लिए कहा जाता है तो वे थानाध्यक्ष से वाद-विवाद करने लगते हैं। यह इनके कर्तव्य के प्रति अनुशासनहीनता, मनमानेपन, लापरवाही, स्वेच्छाचारिता व आदेश के उल्लंघन को परिलक्षित करता है।

एसएसपी ने बताया कि एसडीपीओ की अनुशंसा के आलोक में दारोगा अजीत कुमार को तत्काल प्रभाव से सामान्य जीवन यापन भत्ता पर निलंबित किया जाता है। निलंबन अवधि में इनका मुख्यालय, पुलिस केन्द्र, दरभंगा रहेगा।

