Home Featured जिला में संभावित बाढ़, सुखाड़, गर्मी एवं अग्निकांड से बचाव के तैयारियों की हुई समीक्षा।
Featured - मुख्य - April 7, 2025

जिला में संभावित बाढ़, सुखाड़, गर्मी एवं अग्निकांड से बचाव के तैयारियों की हुई समीक्षा।

दरभंगा: भीमराव अंबेडकर सभागार, दरभंगा में  सलीम अख्तर अपर समाहर्ता, आपदा प्रबंधन की अध्यक्षता में संभावित बाढ़, सुखाड़, भीषण गर्मी एवं अग्निकांड से बचाव की पूर्व तैयारियों की समीक्षा हेतु महत्वपूर्ण बैठक आयोजित हुई । बैठक में संबंधित विभागों के अधिकारियों ने भाग लिये और अपने-अपने विभागों द्वारा की जा रही तैयारियों की जानकारी दिए।

बैठक में आदित्य कुमार लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण प्रमंडल के कार्यपालक अभियंता ने बताया कि जिले में कुल 18 चापाकल मरम्मति दल सक्रिय हैं, जिनके द्वारा अब तक 165 बंद पड़े चापाकलों को पुनः चालू किया गया है। नए चापाकलों के अधिष्ठापन हेतु निविदा प्रक्रिया पूर्ण कर ली गई है और आगामी दो माह के भीतर जलस्तर से प्रभावित क्षेत्रों में चापाकल लगाने का कार्य पूरा कर लिया जाएगा।

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स्वास्थ्य विभाग ने अवगत कराया कि वर्तमान में विभाग के पास कुल 23 प्रकार की आवश्यक दवाएं एवं 13,84,243 पैकेट ओ.आर.एस. उपलब्ध हैं, जिन्हें प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों, आंगनवाड़ी केंद्रों एवं विद्यालयों में शीघ्र वितरित किया जाएगा। इसके अतिरिक्त 328 मेडिकल टीमों का गठन कर लिया गया है।

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हीट वेव की घटनाओं के मद्देनजर स्वास्थ्य विभाग को सभी अस्पतालों में एक-एक आइसोलेशन वार्ड आरक्षित करने का निर्देश दिया गया।

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कृषि पदाधिकारी को निर्देशित किया गया कि संभावित आपदा को ध्यान में रखते हुए वैकल्पिक फसलों की पहले से पहचान सुनिश्चित करें, ताकि प्रभावित किसानों को राहत पहुंचाई जा सके।

कार्यपालक अभियंता विद्युत ने बताया गया कि अग्निकांड की संभावनाओं को ध्यान में रखते हुए खुले एवं लटके तारों को सुव्यवस्थित किया जा रहा है। वर्तमान में ग्रामीण, शहरी एवं कृषि फीडर में औसतन 22 घंटे विद्युत आपूर्ति की जा रही है।

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सभी अंचलाधिकारियों एवं नगर निकायों के कार्यपालक अधिकारियों को अपने क्षेत्रों में प्याऊ की व्यवस्था सुनिश्चित करने तथा जनप्रतिनिधियों एवं हितधारकों के साथ बैठक कर उन्हें जागरूक करने का निर्देश दिया गया।

वर्ष 2025 की संभावित बाढ़ की दृष्टि से सभी अधिकारियों को अपने-अपने क्षेत्रों में उपलब्ध संसाधनों का आकलन, उच्च शरणस्थलों की पहचान एवं राहत शिविर/सामुदायिक रसोई संचालन हेतु स्थलों का चिन्हांकन करने का निर्देश भी दिया गया।

पथ निर्माण एवं ग्रामीण कार्य विभाग को क्षेत्रांतर्गत वेंटों तथा जलकुंभी की सफाई शीघ्र करवाने का निर्देश दिया गया, जिससे जलजमाव की स्थिति से निपटा जा सके।

बैठक के अंत में यह जानकारी दी गई कि आगामी 14 से 20 अप्रैल तक अग्नि सुरक्षा सप्ताह मनाया जाएगा। इस दौरान सभी पदाधिकारियों को अपने क्षेत्रों में माइकिंग, नुक्कड़ नाटक, मॉक ड्रिल एवं अन्य माध्यमों से अग्निकांड से बचाव हेतु व्यापक प्रचार-प्रसार करने का निर्देश दिया गया।

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