
दरभंगा में डूबने से 6 की मौत, कई गांवों में फैली मातम की चीख।
दरभंगा: जिले में शनिवार को तीन अलग-अलग जगहों पर 6 लोगों की डूबने से मौत हुई हुई है। पहली घटना घनश्यामपुर थाना क्षेत्र भगवती कसरोर बसौली गांव की है, यहां 5 नाबालिग लड़कियां कमला नदी में बह गईं। सभी नदी में नहा रहीं थीं।

लड़कियों को बचाने के लिए गांव के रोहित ताती ने नदी में छलांग लगा दी, पर वो भी पानी में डूब गया। मौके पर जुटी ग्रामीणों की भीड़ ने किसी तरह 2 लड़कियों को बचा लिया, पर 4 की लाशें पानी से निकाली गई।

दूसरी घटना सिमरी थाना क्षेत्र के सिमरी गांव की है। यहां 24 वर्षीय नगेंद्र कुमार शौच के लिए गया था। इसी दौरान वो पानी भरे गड्ढे में डूब गया। तीसरी घटना कमतौल थाना क्षेत्र के बड़ी लाधा गांव में हुई। यहां बकरी चराने गई 6 साल की मनीषा कुमारी भी पानी भरे गड्ढे में डूब गई। वहीं, कुशेश्वर स्थान के केवटगामा में अफसाना खातून (14 वर्ष) डूबकर लापता हो गई।

अफसाना 10 सहेलियों के साथ कमला बलान नदी की उपधारा पार कर रही थी। वापसी के दौरान नदी पार करते समय वह गहरे पानी में चली गई और तेज धारा में बह गई।
सहेलियों ने शोर मचाकर आसपास के लोगों को बुलाने की कोशिश की, लेकिन मौके पर कोई नहीं होने से किशोरी को बचाया नहीं जा सका। इसके बाद लड़कियों ने घटना की जानकारी परिजनों को दी। नाबालिग की तलाश जारी है।

जयशंकर तांती का बेटा रोहित कुमार उर्फ रोहित तांती (15), प्रमोद मुखिया के बेटी अंशु कुमारी (16), नारायण मुखिया की बेटी लक्ष्मी कुमारी (15) और स्व. निर्मल साहू की बेटी शीतल कुमारी (14) शामिल है।
रोहित तीन भाइयों में बीच में था। मां की मौत मौत 3 साल पहले हुई थी। अंशु तीन भाई-बहनों में सबसे बड़ी थी। लक्ष्मी 5 भाई-बहनों में तीसरे नंबर पर थी और 7वीं में पढ़ाई करती थी। शीतल इकलौती बेटी थी। वहीं सरस्वती कुमारी (8 वर्ष) समेत 2 को ग्रामीणों ने बचा लिया है।
गांव के युवक राहुल और प्रवीण मोबाइल पर फ्री फायर गेम खेल रहे थे। उसी दौरान उन्होंने देखा कि नदी में कुछ बच्चे डूब रहे हैं। वे तुरंत घाट की ओर दौड़े। इसी बीच रोहित तांती ने हिम्मत दिखाकर नदी में छलांग लगाई और डूबती बच्चियों को बचाने का प्रयास किया, लेकिन तेज धारा में खुद फंस गया और बाहर नहीं निकल सका।
राहुल और प्रवीण ने साहस दिखाते हुए सरस्वती कुमारी को बचा लिया, लेकिन बाकी को नहीं बचा पाए।
थानाध्यक्ष अजीत कुमार ने कहा कि सभी शवों को बरामद कर पोस्टमॉर्टम के लिए डीएमसीएच दरभंगा भेज दिया गया है। गौरा बोराम अंचल के राजस्व कर्मचारी प्रभात कुमार यशवाल भी घटनास्थल पर पहुंचे और स्थिति का जायजा लिया।
ग्राम पंचायत के मुखिया रंजीत झा उर्फ गुड्डू झा ने कहा कि अगर अनुमंडल स्तर पर एनडीआरएफ की टीम तैनात होती तो मासूमों की जान बचाई जा सकती थी।

