
दरभंगा में पेयजल संकट पर कड़ा एक्शन, जिलाधिकारी ने दिए त्वरित समाधान के निर्देश।
दरभंगा: जिलाधिकारी दरभंगा कौशल कुमार की अध्यक्षता में शुक्रवार को पेयजल संकट के स्थायी समाधान हेतु एक महत्वपूर्ण समीक्षात्मक बैठक आयोजित की गई। बैठक में संबंधित विभागों के अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश देते हुए जिलाधिकारी ने कहा कि किसी भी स्थिति में जल संकट का समाधान सर्वोच्च प्राथमिकता है, और इसके लिए हर संभव कदम उठाए जाएं।

415 चापाकलों की स्वीकृति, 166 स्थापित
बैठक में कार्यपालक अभियंता, पीएचईडी प्रदीप कुमार को निर्देश दिया गया कि जिन गांवों एवं टोलों में पेयजल संकट है, वहां शीघ्र चापाकल स्थापित किए जाएं। उन्होंने बताया कि जिले में अब तक 415 चापाकलों की स्वीकृति दी जा चुकी है, जिनमें से 166 की स्थापना हो चुकी है।

शिकायतों व सर्वेक्षण के आधार पर कार्यवाही
जिलाधिकारी ने कहा कि पीएचईडी नियंत्रण कक्ष से प्राप्त शिकायतों तथा जनप्रतिनिधियों द्वारा उपलब्ध कराई गई सूची के आधार पर संबंधित स्थलों का सर्वेक्षण कर आवश्यक कदम उठाए जाएं। यदि चापाकलों की और आवश्यकता हो, तो विभाग प्रस्ताव भेजे।

“हर घर नल-जल योजना” में तेजी
जिलाधिकारी ने “हर घर नल-जल योजना” को शीघ्र चालू करने के निर्देश देते हुए कहा कि बड़े प्रोजेक्टों में कम से कम 40 टीम और छोटे प्रोजेक्टों में 20 टीम लगाकर डेढ़ महीने के भीतर कार्य पूरा किया जाए। उन्होंने चेतावनी दी कि लापरवाही पाए जाने पर विधिसम्मत कार्रवाई की जाएगी।

682 टोलों में एक माह में जल आपूर्ति का लक्ष्य
जिले के 682 छूटे टोलों में एक माह के भीतर नल-जल योजना लागू करने के निर्देश भी दिए गए। निविदा प्रक्रिया शीघ्र पूरी करने और सड़क कटने की स्थिति में संबंधित विभाग से NOC लेना अनिवार्य किया गया।
गुणवत्ता जांच और अस्थायी आपूर्ति
योजनाओं की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए कनीय अभियंताओं से निरीक्षण कर प्रत्यावेदन लेने का निर्देश दिया गया। आवश्यकता पड़ने पर टैंकर के माध्यम से अस्थायी जल आपूर्ति भी जारी रखने का आदेश दिया गया।
बैठक में उपनिदेशक जनसंपर्क सत्येंद्र प्रसाद, कार्यपालक अभियंता पीएचईडी प्रदीप कुमार, सहायक अभियंता, संवेदकगण एवं अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।

