Home Featured दरभंगा से 82 करोड़ का केटामाइन इंजेक्शन सप्लायर गिरफ्तार।
Featured - क्राइम - मुख्य - September 15, 2025

दरभंगा से 82 करोड़ का केटामाइन इंजेक्शन सप्लायर गिरफ्तार।

दरभंगा: सेंट्रल ब्यूरो ऑफ नारकोटिक्स (CBN) की लखनऊ टीम ने दरभंगा से केटामाइन इंजेक्शन सप्लायर सुवैश को गिरफ्तार कर बड़ा खुलासा किया है। आरोपी के पास से 81,800 एंपुल जब्त किए गए, जिनकी कीमत अंतरराष्ट्रीय बाजार में करीब 82 करोड़ रुपए आँकी गई है। एक एंपुल की कीमत लगभग 10 हजार रुपए बताई जा रही है।

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चुनावी मौसम में बढ़ी ड्रग्स की डिमांड

CBN टीम के मुताबिक, शुरुआती पूछताछ में आरोपी ने कबूला है कि चुनावी मौसम में केटामाइन और अन्य सिंथेटिक ड्रग्स की डिमांड अचानक बढ़ी है। एजेंसियों को शक है कि नशे का ये कारोबार मतदाताओं को लुभाने और कालेधन को खपाने का जरिया भी बन रहा है।

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यूपी बना ट्रांजिट हब

जांच में सामने आया है कि इस नेटवर्क में यूपी को ट्रांजिट हब के तौर पर इस्तेमाल किया जा रहा था।

  • ये इंजेक्शन दिल्ली-गुड़गांव और हरियाणा के औद्योगिक इलाकों में बनते थे।

  • फिर इन्हें नकली मेडिकल बिल और कूरियर के जरिए पटना, दरभंगा, ग्वालियर और लखनऊ तक पहुँचाया जाता था।

  • लखनऊ, वाराणसी और गोरखपुर इस नेटवर्क के सेफ जोन बने थे, जहां से माल बिहार, बंगाल और नेपाल तक भेजा जाता था।

  • लखनऊ के चारबाग और आलमबाग क्षेत्र के गोदाम ट्रांजिट प्वाइंट के रूप में इस्तेमाल हो रहे थे।

डिजिटल पेमेंट और क्रिप्टो में डील

CBN सूत्रों के मुताबिक, इस नेटवर्क की हर डील का भुगतान डिजिटल वॉलेट और क्रिप्टोकरेंसी के जरिए किया जाता था ताकि एजेंसियों की पकड़ में न आए।

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बिहार-बंगाल-नेपाल तक फैला कनेक्शन

गिरफ्तार सप्लायर के जरिए ये केटामाइन इंजेक्शन पटना, मुजफ्फरपुर, सिलीगुड़ी, मालदा और काठमांडू तक पहुँच रहे थे। CBN और डीएनसी लखनऊ की संयुक्त टीमें अब इस नेटवर्क के अन्य सप्लायरों और फाइनेंसरों तक पहुँचने में जुटी हैं।

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एजेंसियों की आगे की कार्रवाई

CBN अधिकारियों का मानना है कि यह केवल शुरुआत है। आने वाले दिनों में बिहार, बंगाल और यूपी के अलग-अलग जिलों में ताबड़तोड़ छापेमारियां होंगी। एजेंसी का फोकस सिर्फ सप्लायर ही नहीं, बल्कि फाइनेंसर और बड़े डीलरों पर है ताकि पूरे नेटवर्क को तोड़ा जा सके।

युवाओं में “पार्टी डोज़” बन रहा खतरनाक ट्रेंड

विशेषज्ञों के अनुसार, केटामाइन का गलत इस्तेमाल मानसिक संतुलन बिगाड़ सकता है। लगातार सेवन से मतिभ्रम (हैलूसिनेशन), दिल की धड़कन तेज होना और जानलेवा ओवरडोज का खतरा रहता है। बिहार और झारखंड के युवाओं में यह ड्रग “पार्टी डोज़” के नाम से तेजी से लोकप्रिय हो रहा है।

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