
नल-जल योजना का कार्यान्वयन विफल: पीएचईडी अधिकारियों पर कर्तव्यह्रास का आरोप, जांच प्रतिवेदन में पुष्टि।
दरभंगा: उघरा पंचायत में नल-जल योजना की बदहाली जिला प्रशासन व पीएचईडी विभाग की घोर लापरवाही का नंगा चेहरा उजागर कर रही है। डीएम कौशल कुमार से सहमति पत्र लेकर डीआरडीए निदेशक भुवनेश मिश्र ने बुधवार को निरीक्षण किया और प्रतिवेदन सौंपा, जिसमें ग्रामीणों की शिकायतें सही साबित हुईं। फिर भी प्रशासनिक सुस्ती से समस्या जस की तस बनी हुई है।

वार्ड-2 व 3 में जलमीनार मौजूद हैं, मगर आपूर्ति शून्य। वार्ड-2 में एक साल से पानी का नामोनिशान नहीं, क्योंकि बोरिंग का बिजली कनेक्शन कटा पड़ा है। लीकेज व बालू की समस्या ने सब तबाह कर दिया। वार्ड-1 में कार्य अधर में लटका है। वार्ड-5 में दो पाइपलाइन लीकेज हैं और 40 घरों तक पाइप नहीं पहुंचा। वार्ड-6 में पांच पाइपलाइन लीकेज हैं तथा 15 घर बिना पाइप के हैं। वार्ड-7 व 8 में प्रत्येक में दो पाइपलाइन लीकेज हैं, जिससे 10 व 12 घर प्रभावित हैं। वार्ड-9 में तीन स्थलों पर लीकेज है। वार्ड-10 के दलित टोला में सड़क निर्माण से पाइप लीकेज हो गया है और 30 घर कनेक्शन नहीं हैं। वार्ड-11 में चार स्थलों पर तथा वार्ड-12 में सात स्थलों पर लीकेज के कारण 50 घर बिना कनेक्शन के हैं। वहीं पंप ऑपरेटर को भी 2023 से वेतन नहीं मिल रहा है।

डीआरडीए के रिपोर्ट में स्थानीय ग्रामीणों के हवाले से साफ लिखा हुआ है कि सड़कों पर पानी बह रहा है, मगर पीएचईडी के एई व जेई फोन तक नहीं उठाते। फूल कुमार झा की एजेंसी रिपेयरिंग में जानबूझकर टालमटोल कर रही है।

