Home Featured नवोदय छात्र जतिन की मौत पर जांच तेज, SIT गठित; परिजनों ने CBI जांच की मांग की।

नवोदय छात्र जतिन की मौत पर जांच तेज, SIT गठित; परिजनों ने CBI जांच की मांग की।

दरभंगा: दरभंगा के जवाहर नवोदय विद्यालय पचाढ़ी में 8 जुलाई को 13 वर्षीय छात्र जतिन गौतम के पंखे से लटके संदिग्ध शव मिलने के मामले में अब प्रशासन ने अपनी जांच तेज कर दी है। घटना के सात दिन बीत जाने और कोई ठोस कार्रवाई न होने पर आक्रोशित परिजनों और स्थानीय लोगों ने 15 जुलाई को आमरण अनशन की चेतावनी दी थी, जिसे जिला प्रशासन के आश्वासन के बाद फिलहाल टाल दिया गया है।

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सोमवार को एसडीएम सदर विकास कुमार ने मृतक के परिजनों, स्थानीय विधायक डॉ. मुरारी मोहन झा और अन्य प्रतिनिधियों से मुलाकात की। उन्होंने अनशन न करने का आग्रह करते हुए निष्पक्ष जांच का भरोसा दिया। इसके साथ ही, थानेदार द्वारा दर्ज मुकदमे को 10 दिन के भीतर निरस्त करने का आश्वासन भी दिया गया, जिसके बाद आमरण अनशन को स्थगित करने का फैसला लिया गया।

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विधायक डॉ. मुरारी मोहन झा, मृतक के पिता संतोष कुमार, मां मुखिया रूबी कुमारी, चाचा अजय कुमार और बहन आंचल कुमारी सहित अन्य लोग जिलाधिकारी कौशल कुमार और वरीय पुलिस अधीक्षक जगुनाथ रेड्डी जलारेड्डी से मिले। उन्होंने मामले की गंभीर और निष्पक्ष जांच के साथ-साथ दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की। विधायक झा ने नवोदय स्कूल में छात्र की मौत को “हत्या” करार देते हुए इसे चौंकाने वाली घटना बताया। उन्होंने स्कूल प्रशासन और रैयाम थाना की भूमिका पर सवाल उठाते हुए इसे संदिग्ध बताया और थाना प्रभारी सहित अन्य पुलिसकर्मियों के अनुचित व्यवहार की शिकायत की। उन्होंने जोर देकर सीबीआई जांच की मांग करते हुए कहा कि यह स्कूल और छात्रावास की सुरक्षा से जुड़ा एक गंभीर मामला है और वार्डन, शिक्षक, प्रिंसिपल या किसी भी छात्र के शामिल होने पर सभी की गहन जांच होनी चाहिए।

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मृतक के पिता संतोष कुमार ने भावुक होकर कहा कि उनका बेटा मारा गया है और यह आत्महत्या नहीं हो सकती। उन्होंने आरोप लगाया कि हाउस मास्टर और अन्य बच्चे इस हत्या में दोषी हैं। उन्होंने बताया कि पहले भी प्रिंसिपल से शिकायत की थी, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। अब उन्होंने डीएम और एसएसपी से न्याय की गुहार लगाई है और कहा कि दोषियों को सजा मिलने पर ही उन्हें कुछ संतोष होगा।

राजीव मधुकर ने 13 साल के बच्चे की मौत को आत्महत्या बताने और नवोदय विद्यालय प्रशासन व रैयाम थाना पुलिस की मिलीभगत से सबूत मिटाने का आरोप लगाया। उन्होंने इसे बच्चों की सुरक्षा के लिए एक गंभीर खतरा बताया और कहा कि पहले भी ऐसी कई घटनाएं हुईं जिन्हें दबा दिया गया। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि प्रशासन ने जांच में लापरवाही बरती तो लोग सड़क पर उतरेंगे और व्यापक आंदोलन किया जाएगा।

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जिलाधिकारी कौशल कुमार ने बताया कि घटना दुर्भाग्यपूर्ण है और मृतक के पिता के आवेदन पर एफआईआर दर्ज कर ली गई है। मामले की निष्पक्ष जांच के लिए वरीय पुलिस अधीक्षक द्वारा एक SIT (विशेष जांच दल) का गठन किया गया है। जांच में परिवार के बयानों को आधार बनाया जाएगा।

इसके अलावा, प्रशासनिक स्तर पर भी एक तीन सदस्यीय टीम बनाई गई है, जिसमें एडीएम पीजीआरओ, जिला शिक्षा पदाधिकारी और सिटी एसपी शामिल हैं। यह टीम विद्यालय में शैक्षणिक माहौल, वार्डन, प्रिंसिपल और शिक्षकों की भूमिका की जांच करेगी। इस टीम की रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

जिलाधिकारी ने बताया कि सभी बिंदुओं पर निष्पक्ष जांच के निर्देश दिए गए हैं और विधायक व परिजनों को अब तक की कार्रवाई की जानकारी दी गई है। एसएसपी ने भी एसआईटी गठन की पुष्टि करते हुए रिपोर्ट आने के बाद सख्त कार्रवाई का आश्वासन दिया है।

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