
नाबालिग से विवाह प्रकरण में दोषसिद्धि, 5 वर्ष की सजा और अर्थदंड।
दरभंगा: पॉक्सो एक्ट के विशेष न्यायाधीश प्रोतिमा परिहार की अदालत ने बुधवार को अभियुक्त महेश सदाय को पांच वर्ष सश्रम कारावास और 30 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई। विशेष लोक अभियोजक विजय कुमार पराजित ने बताया कि 20 मार्च 2022 को पीड़िता घर से सब्जी लेने निकली थी, तभी सोनकी थाना क्षेत्र के पांता गांव निवासी छोटे सदाय का पुत्र महेश सदाय उसे बहला-फुसलाकर जालंधर ले गया और उससे शादी कर ली। उस समय पीड़िता नाबालिग थी और उसकी उम्र 14 वर्ष 11 माह बताई गई।

अदालत ने मामले में दर्ज साक्ष्यों के आधार पर दोषसिद्धि करते हुए अलग-अलग धाराओं में सजा सुनाई। भारतीय दंड संहिता की धारा 363 में 5 वर्ष सश्रम कारावास और 10 हजार रुपये अर्थदंड, धारा 366 में 5 वर्ष सश्रम कारावास और 10 हजार रुपये अर्थदंड, जबकि पॉक्सो एक्ट की धारा 10 के तहत 5 वर्ष सश्रम कारावास और 10 हजार रुपये अर्थदंड का प्रावधान लागू किया गया। सभी सजाएं साथ-साथ चलेंगी, जुर्माने की राशि अदा नहीं करने पर विधि अनुसार अतिरिक्त कारावास का प्रावधान लागू होगा।


