Home Featured पीएम आवास योजना जांच के दौरान हंगामा, जियो टैगिंग के नाम पर अवैध वसूली का आरोप।

पीएम आवास योजना जांच के दौरान हंगामा, जियो टैगिंग के नाम पर अवैध वसूली का आरोप।

दरभंगा: सिंहवाड़ा प्रखंड अंतर्गत हरिहरपुर पश्चिमी पंचायत के वार्ड संख्या एक में प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) की जांच और जियो टैगिंग के दौरान शनिवार को विवाद हो गया। ग्रामीणों और जनप्रतिनिधियों ने प्रखंड से आए जांचकर्ता, ग्रामीण आवास सहायक व वार्ड सदस्य पर लाभार्थियों से अवैध वसूली का आरोप लगाया है।

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वहीं संबंधित कर्मियों और वार्ड सदस्य ने आरोपों को बेबुनियाद बताते हुए इसे साजिश कर फंसाने का दावा किया है।जानकारी के अनुसार प्रखंड कार्यालय से हरिहरपुर पश्चिमी पंचायत में आवास योजना की जांच के लिए ग्रामीण आवास सहायक सह चेकर रामकृत सिंह पहुंचे थे। उनके साथ वार्ड संख्या एक के वार्ड सदस्य अजय मंडल भी लाभार्थियों के घर-घर जाकर जियो टैगिंग और भौतिक सत्यापन में शामिल थे।

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इसी दौरान ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि योजना में पहले नाम जोड़ने के लिए ₹1000 और अब जियो टैगिंग के नाम पर ₹500 प्रति लाभार्थी की मांग की जा रही है।वार्ड सदस्य सकलदेव राम ने आरोप लगाया कि जो लाभार्थी पैसे देने से इनकार कर रहे हैं, उन्हें नाम काटने की धमकी दी जा रही है। विरोध के दौरान वार्ड सदस्य की तलाशी लिए जाने का भी दावा किया गया।

ग्रामीणों के अनुसार तलाशी के दौरान उनकी जेब से ₹500 का नोट मिला, जिसे लाभार्थी की ओर से दिया गया बताया गया। ग्रामीणों ने नोट के क्रमांक का मिलान करने पर मेल खाने का भी दावा किया है।हरिहरपुर पश्चिमी वार्ड संख्या एक निवासी बिंदे कुमार ने कहा कि आवास योजना की सूची के अनुसार जियो टैगिंग की जा रही थी और आरोप है कि वार्ड सदस्य के सहयोग से कथित तौर पर लाभार्थियों से पैसे लिए जा रहे थे।

वहीं स्थानीय निवासी राजन कुमार ने बताया कि उनकी माता रीता देवी के नाम आवास स्वीकृत है और जियो टैगिंग के दौरान उनसे ₹500 लिए गए, जबकि मौके पर प्रखंड से आए कर्मी भी मौजूद थे।

चमनपुर निवासी यूटूबर अजहर ने बताया कि उन्हें गुप्त सूचना मिली थी, जिसके सत्यापन के लिए वे मौके पर पहुंचे। उनका दावा है कि पूरी प्रक्रिया की वीडियो रिकॉर्डिंग की गई है और दर्जनों लाभार्थियों से अवैध वसूली हो चुकी थी। शिकायत की बात सामने आने के बाद कथित रूप से पैसा लौटाए जाने की भी चर्चा है।इधर, ग्रामीण आवास सहायक सह चेकर रामकृत सिंह ने सभी आरोपों को सिरे से खारिज किया है। उन्होंने कहा कि रास्ते में उनकी गाड़ी रोककर दुर्व्यवहार किया गया, धमकाया गया और जबरन तलाशी ली गई। उन्होंने इसे जानबूझकर फंसाने की साजिश बताते हुए कहा कि इस संबंध में उन्होंने प्रखंड विकास पदाधिकारी को लिखित शिकायत दी है।वहीं वार्ड संख्या एक के वार्ड सदस्य अजय मंडल ने भी आरोपों को निराधार बताया। उन्होंने कहा कि उन्हें बदनाम करने की नीयत से आरोप लगाए जा रहे हैं।

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