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Featured - मुख्य - September 9, 2025

पॉक्सो ऐक्ट के तहत चार दोषियों को कठोर सजा।

दरभंगा: जिला के पॉक्सो ऐक्ट की विशेष न्यायाधीश प्रोतिमा परिहार की अदालत ने मंगलवार को एक सनसनीखेज मामले में चार दोषियों को कठोर सजा सुनाई। कोर्ट ने विशनपुर थाना कांड संख्या 86/16 और जीआर 47/16 की सुनवाई पूरी कर दोषियों को दोषी पाते हुए अलग-अलग धाराओं में सजा और अर्थदंड का आदेश दिया।

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मुख्य आरोपी को 20 वर्ष तक की कैद

मधुबनी जिला के बिस्फी थाना क्षेत्र के भरणटोल निवासी जगदीश यादव के पुत्र अनिल यादव को भादवि की धारा 376(2) एवं पॉक्सो ऐक्ट की धारा 6 में दोषी पाते हुए अदालत ने 10-10 वर्ष का सश्रम कारावास तथा 20 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई।

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दो सहअभियुक्तों को 7-7 साल की सजा

उसी गांव के अमोल यादव और शत्रुघ्न यादव को पॉक्सो ऐक्ट की धारा 10 के तहत सात-सात वर्ष का कठोर कारावास और 10-10 हजार रुपये अर्थदंड अदा करने का आदेश दिया गया।

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महिला सहअभियुक्त को पांच वर्ष की कैद

इसी मामले की महिला अभियुक्त, केवटी थाना क्षेत्र के पोस्तापुर निवासी जगतारण देवी उर्फ रामसखी देवी को भादवि की धारा 363 और 366(ए) में दोषी करार देते हुए अदालत ने पांच-पांच वर्ष का कठोर कारावास और 5-5 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई।

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मामला 2016 से जुड़ा है

विशेष लोक अभियोजक विजय कुमार पराजित ने बताया कि यह मामला वर्ष 2016 का है। 12 सितंबर को पीड़िता अपनी 5 वर्षीय बहन के साथ दरभंगा स्टेशन से राजस्थान अपने पिता से मिलने जा रही थी। इसी दौरान उसकी मुलाकात अभियुक्ता जगतारण देवी से हुई। आरोपी महिला ने बच्ची को अनिल यादव, अमोल यादव और शत्रुघ्न यादव को सौंप दिया। बाद में अनिल यादव ने पीड़िता से जबरन विवाह रचाकर उसे जालंधर ले गया। इस संबंध में विशनपुर थाना में कांड संख्या 86/16 दर्ज किया गया था।

अभियोजन पक्ष सफल रहा

अभियोजन पक्ष ने इस मामले में 7 गवाह प्रस्तुत किए। गवाहों और सबूतों के आधार पर अदालत ने अभियुक्तों का जुर्म साबित माना और चारों को विभिन्न धाराओं में सजा दी। अदालत ने यह भी आदेश दिया कि चारों दोषियों की सभी सजाएं साथ-साथ चलेंगी।

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