
भाजपा राज में पिटे भाजपाई, बड़े नेताओं ने चुप्पी साधी।
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दरभंगा: दरभंगा शहर में लगातार 5 बार से भाजपा के विधातक हैं और वर्तमान में बिहार सरकार में मंत्री हैं और लगातार दरभंगा में भाजपा के सांसद जीतते रहे है। दरभंगा के दस में से 9 विधायक एनडीए के हैं। दरभंगा जिला से दो दो विधायक बिहार सरकार में मंत्री हैं। साथ ही राज्य एवं केंद्र में भाजपा की सत्ता है। इसके वाबजूद दरभंगा में भाजपा कार्यकर्ताओं पर पुलिस द्वारा लाठीचार्ज की खबर सामने आयी है। वाबजूद इसके किसी बड़े नेता का कोई खास बयान अथवा प्रतिक्रिया इस मुद्दे पर नहीं दिखी है।

दरअसल, दरभंगा नगर निगम की डिप्टी मेयर नाजिया हसन के खिलाफ पहले से तय मशाल जुलूस निकालने को लेकर शनिवार को पुलिस से हिंदू संगठनों और भाजपा कार्यकर्ताओं की झड़प हो गई। जुलूस को रोकने के लिए जिला प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया था। इस दौरान पुलिसकर्मियों और बीजेपी कार्यकर्ताओं के बीच धक्का-मुक्की हुई। पुलिस ने हल्का बल प्रयोग कर भीड़ को तितर-बितर किया। जिसके बाद माहौल और गर्मा गया। इस लाठीचार्ज में भाजपा जिलाध्यक्ष आदित्य नारायण मन्ना एवं भाजपा जिलामंत्री बालेंदु झा सहित कई कार्यकर्ता चोटिल हो गए।

बताया जा रहा है कि बकरीद पर्व को लेकर भाजपा जिलाध्यक्ष व अन्य नेताओं पर मशाल जुलूस को स्थगित करने का प्रशासन दबाव बना रहा था। लेकिन भाजपा कार्यकर्ता जुलूस निकालने की जिद पर अड़े थे। ऐसे में जब पुलिस ने उन्हें रोकने की कोशिश की, तो मौके पर विवाद की स्थिति पैदा हो गई। इस बीच धक्का-मुक्की और झड़प हो गई। जिसके बाद लाठियां चटकाकर भीड़ को हटाया गया।

इस संबंध में सदर एसडीओ विकास कुमार ने कहा कि भाजपा जिलाध्यक्ष प्रो. आदित्य नारायण चौधरी ने शनिवार की दोपहर करीब 12.30 बजे मुझे पत्र व फोन से सूचित किया कि वे लोग शाम पांच बजे आयकर चौक से मशाल जुलूस निकालना चाह रहे हैं। हमने उन्हें पत्र व फोन से सूचना दी कि बकरीद के कारण प्रशासन विधि व्यवस्था में लगा है, इसलिए आप लोग जुलूस न निकालें, पर वे नहीं माने। मशाल जुलूस निकालने की तैयारी की सूचना पर हम आयकर चौराहे पर पहुंचे। हमने उन्हें जुलूस निकालने से मना करते हुए मशाल हाथ में लेने की कोशिश की तो कुछ लोगों ने मेरे साथ धक्कामुक्की की। उन्होंने कहा कि लाठीचार्ज नहीं हुआ है। इसका प्रशासनिक आदेश भी नहीं दिया गया था।

उधर, भाजपा जिलाध्यक्ष प्रो. मन्ना ने बयान जारी कर कहा कि जुलूस निकालने से मना करने पर हमने सभी कार्यकर्ताओं से शांतिपूर्वक वहीं पर रहने को कहा। इतने ही में पुलिस ने वहां मौजूद सैकड़ों कार्यकर्ताओं पर बर्बरतापूर्ण लाठीचार्ज कर दिया। इसमें जिला अध्यक्ष प्रो. मन्ना के अलावा जिला उपाध्यक्ष सोनी पूर्वे, जिला मंत्री बालेन्दु झा तथा वार्ड पार्षद मुकेश महासेठ सहित कई कार्यकर्ता घायल हो गए। यहां तक कि महिला कार्यकर्ताओं पर भी पुरुष पुलिस कर्मियों ने लाठीचार्ज किया।

जिला अध्यक्ष प्रो. मन्ना ने कहा कि निर्दोष कार्यकर्ताओं पर लाठीचार्ज करना अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है। शांतिपूर्ण आंदोलन करना लोकतंत्र में सभी का अधिकार है। पुलिस ने आखिर किसके दबाव में कार्यकर्ताओं पर लाठीचार्ज किया, इसकी जांच हो। उन्होंने सरकार से मांग की कि निर्दोश कार्यकर्ताओं पर लाठीचार्ज करने वाले सदर एसडीओ एवं एसडीपीओ को निलंबित करते हुए उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। उन्होंने कहा कि दरभंगा की उप महापौर आरएसएस व भाजपा के विरुद्ध लगातार स्तरहीन बयान देती रही हैं। इस पर पुलिस का ध्यान नहीं गया। वह बेखौफ होकर घूम रही हैं, जबकि उन पर देशद्रोह का मुकदमा होना चाहिए। जिला अध्यक्ष ने बताया कि घायल कार्यकर्ताओं का इलाज डीएमसीएच में चल रहा है।

उधर, सदर एसडीपीओ अमित कुमार ने बताया कि मशाल जुलूस के लिए अनुमति मांगी गई थी, जिसे सदर एसडीओ ने लिखित रूप से मना कर दिया। उन लोगों ने आश्वासन दिया कि वे जुलूस नहीं निकालेंगे, फिर भी जुलूस निकालने की तैयारी चल रही थी। इसकी सूचना मिलने पर वरीय अधिकारियों सहित दर्जनों पुलिसकर्मी पहुंचे। उन लोगों को मशाल जुलूस निकालने से मना किया गया। इसी बात को लेकर वे लोग वरीय पदाधिकारियों के साथ धक्का-मुक्की करने लगे। उसके बाद पुलिस ने आत्मरक्षार्थ हल्का बल प्रयोग किया। इसमें कुछ लोगों को मामूली चोट लगी है।

