
मतदाता सूची से बड़े पैमाने पर नाम विलोपन पर भाकपा माले का आरोप, अभियान तेज करने की अपील।
दरभंगा: भाकपा माले पोलित ब्यूरो सदस्य धीरेंद्र झा ने आरोप लगाया कि विशेष सघन मतदाता पुनरीक्षण के दौरान उत्तर और पूर्वी बिहार में बड़े पैमाने पर मतदाताओं के नाम सूची से बाहर कर दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि 2003 से जीवित मतदाताओं के नाम भी विलोपित कर दिए गए हैं, जबकि प्रवासी मजदूरों और बिहारियों की छंटनी बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है, क्योंकि यही लोग बिहार की अर्थव्यवस्था की रीढ़ हैं।

दरभंगा, मधुबनी और समस्तीपुर जिलों के कई विधानसभा क्षेत्रों का दौरा करने के बाद पत्रकारों से बातचीत में उन्होंने सुप्रीम कोर्ट के विलोपित मतदाताओं पर विस्तृत जानकारी देने के निर्देश का स्वागत किया। साथ ही चुनाव आयोग से आधार कार्ड, राशन कार्ड और वोटर आईडी को पहचान पत्र के रूप में मान्यता देने की मांग की।

उन्होंने महागठबंधन के बूथ चलो अभियान में तेजी लाने की अपील करते हुए कहा कि इसमें सभी स्तरों के नेताओं की सक्रिय भागीदारी होनी चाहिए। धीरेंद्र झा, जो इंडिया गठबंधन के राज्य कोऑर्डिनेशन कमिटी के सदस्य भी हैं, ने बताया कि 7 अगस्त को दिल्ली में गठबंधन की बैठक होगी, जिसमें आगे की रणनीति तय की जाएगी।

भाकपा माले के जिला सचिव वैद्यनाथ यादव ने कहा कि जाले, हायाघाट, बहादुरपुर और दरभंगा ग्रामीण विधानसभा क्षेत्रों में अभियान शुरू हो चुका है और जल्द ही अन्य प्रखंडों में इसे तेज किया जाएगा। इंसाफ मंच के नेता नेयाज अहमद ने आरोप लगाया कि दलितों और अल्पसंख्यकों के नाम बड़े पैमाने पर काटे गए हैं, जिनके पुन: पंजीकरण के लिए अभियान चलाया जा रहा है।

जिला स्थायी समिति के सदस्य और पूर्व मुखिया नंदलाल ठाकुर ने कहा कि वंचितों के मताधिकार की रक्षा में सभी जनप्रतिनिधियों को सेवा भाव से लगना चाहिए। वरिष्ठ नेता आर.के. सहनी ने डीएमसीएच गोलीकांड को दुखद बताते हुए कहा कि यह सामंतवादी सोच का उदाहरण है और समाज को इसके खिलाफ खड़ा होना होगा। उन्होंने डीएमसीएच के छात्रों और छात्राओं की जागरूकता की सराहना करते हुए दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की।

