
मुकदमा निष्पादन में शिथिलता को लेकर नगर थानाध्यक्ष से कारणपृक्षा, अदालत में उपस्थित होने का आदेश।
दरभंगा: सुप्रीम कोर्ट और पटना हाईकोर्ट के दिशा-निर्देश के बाबजूद पुराने मुकदमों के निष्पादन में नगर थानाध्यक्ष की शिथिलता को लेकर अदालत ने कड़ा रुख अपनाया है। सोमवार को उत्पाद अधिनियम के प्रथम विशेष न्यायाधीश श्रीराम झा की अदालत ने नगर थानाध्यक्ष को कारणपृक्षा जारी कर 7 मई को न्यायालय में सदेह हाजिर होकर अपना जबाब देने का आदेश दिया है।

विशेष न्यायाधीश श्री झा ने नगरथाना से सन्दर्भित जीओ वाद सं.89/08,राज्य बनाम लल्ला पासवान के मामले में सोमवार को वरीय पुलिस अधीक्षक दरभंगा को नगर थानाध्यक्ष के विरूद्ध कार्यवाही प्रारंभ करने हेतू कोर्ट आदेश की प्रति भेजी है। थानाध्यक्ष की लापरवाही और कार्य में शिथिलता के कारण बर्ष 2008 का मुकदमां लंबित है।

उच्चतम न्यायालय और पटना उच्च न्यायालय का दिशा निर्देश है कि पुराने वादों का त्वरित निष्पादन किया जाय। इस मामले में न्यायालय से जारी कूर्की आदेश का अनुपालन और जमानतदारों के विरुद्ध निर्गत नोटिस का तामिला, सोमवार तक नगर थानाध्यक्ष द्वारा नही कराया गया है और न हीं किसी प्रकार की कोई सुचना ही अदालत को दी गई है।

थानाध्यक्ष के इस कृत्य और शिथिलता तथा लापरवाही के कारण यह मुकदमां करीब 17 बर्षों से न्यायालय में लंबित है। अदालत ने थानाध्यक्ष को नोटिस जारी कर 7 मई को कोर्ट में हाजिर होकर जबाव दाखिल करने का आदेश दिया है।


