
राजद अतिपिछड़ा प्रकोष्ठ की दरभंगा बैठक में आक्रोश, 22 अक्टूबर को प्रेस वार्ता में बड़ा ऐलान।
दरभंगा: राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के जिला अतिपिछड़ा प्रकोष्ठ की महत्वपूर्ण बैठक शनिवार को जिला अध्यक्ष की अध्यक्षता में संपन्न हुई। इसमें दरभंगा जिले के दस विधानसभा क्षेत्रों में अतिपिछड़ा समाज के किसी भी उम्मीदवार को टिकट न दिए जाने पर गहरी नाराजगी व्यक्त की गई।

बैठक में प्रदेश, जिला और प्रखंड स्तर के सैकड़ों राजद नेता व कार्यकर्ता शामिल हुए। सभी ने एकजुट होकर कहा कि यह निर्णय न केवल अन्यायपूर्ण है, बल्कि अतिपिछड़ा वर्ग के आत्मसम्मान पर सीधा प्रहार है, जिसने सदैव राजद को अपनी ताकत प्रदान की है। नेताओं का कहना था कि दरभंगा की जनता ने वर्षों तक राजद को कंधों पर उठाया, लेकिन प्रतिनिधित्व की बारी आने पर अतिपिछड़ों की अनदेखी कर दी गई। इससे जिले के पिछड़ा, अतिपिछड़ा और दलित समाज में व्यापक आक्रोश फैल गया है।
भावुक माहौल वाली इस बैठक में सर्वसम्मति से फैसला लिया गया कि 22 अक्टूबर को दरभंगा में प्रेस वार्ता आयोजित की जाएगी। इसमें सभी कार्यकर्ता और नेता अपनी पीड़ा व्यक्त करेंगे तथा आगे की रणनीति का खुलासा करेंगे। उसी दिन यह भी तय होगा कि वे पार्टी में बने रहेंगे या इस ‘अन्याय’ के विरुद्ध नई दिशा चुनेंगे।

बैठक में प्रदेश महासचिव भोला सहनी, प्रदेश उपाध्यक्ष कुमार गौरव, महेश लाल देव, सत्यनारायण देव, प्रधान महासचिव गोपाल लाल देव, महेश पासवान, जिला परिषद सदस्य पूनम मणि शर्मा, रामाशंकर शर्मा, कमल यादव, रामसुंदर कामत, हनुमान ठाकुर, हरेराम लाल देव, सुजीत गौरव, विजय कुमार, साधु शरण, अरविंद प्रसाद, राहुल प्रसाद, रंजीत देव, अमरेश लाल देव, अमरजी कुमार मंडल, अजय कुमार साहु, राधा कुमार साहु, संतोष राम, राजीव कुमार, पिंटू कुमार सहित सैकड़ों कार्यकर्ता उपस्थित रहे।बैठक के अंत में उपस्थित नेताओं ने एक स्वर में कहा, “हमने पार्टी को परिवार समझकर निभाया, मगर पार्टी ने हमें पराया कर दिया। अब वक्त है कि हमारी आवाज दरभंगा से पटना तक गूंजे।”


