वन महोत्सव का हुआ आयोजन।

दरभंगा: प्राकृतिक के साथ छेड़-छाड़ करने का काफी गंभीर परिणाम मानव को भुगतना पड़ सकता है। पेड़ पौधे हमारे जीवन तथा प्रकृति के बीच महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। इनके बिना हम जीवन की कल्पना नहीं कर सकते। उक्त बाते मिथिला वन प्रमंडल दरभंगा तथा के.एस. कॉलेज, लहेरियासराय के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित 67वें वन महोत्सव के अवसर पर आयोजित समारोह को संबोधित करते हुए वरीय पुलिस अधीक्षक सत्यवीर सिंह ने कही।उन्होंने कहा कि वनों को उजाड़ कर गांव बसा दिया गया है जिसके कारण जंगली जानवर गांवों में घुस आते हैं। राष्ट्रीय वन नीति के अनुसार 33 फीसद क्षेत्रों में वन होना जरूरी है। पर दुर्भाग्यवश मात्र 12 प्रतिशत वन बचे है, जो चिंता का विषय है। इस मौके पर विषय प्रवेश करते हुए वन प्रमंडल पदाधिकारी राम कुमार झा ने कहा कि हमारे यहां प्राचीनकाल से ही वृक्षों की पूजने की परम्परा रही है, जो हमें उनके महत्व को बतलाती है। उन्होंने महाविद्यालय में 150 पेड़ लगाये जाने की भी बात कही। विशिष्ट अतिथि के रूप में विश्वविद्यालय के एनएसएस कार्यक्रम समन्वयक डॉ. आर.एन. चौरसिया, एलएन मुटा के महासचिव डॉ. अनिल कुमार सिंह, डॉ. रंधीर झा, डॉ. शिव कुमार मिश्र, डॉ. के.पी. सिंह, डॉ. अनुरंजन, डॉ. अनिरूद्ध कुमार, डॉ. के. सज्जात, डॉ. रामअवतार प्रसाद, डॉ. मंजु सिंह, डॉ. लीली वर्गीज, डॉ. अमरेन्द्र सिंह, डॉ. एस.एम. मंडल आदि ने भी समारोह को संबोधित किया। आखिर में अपने अध्यक्षीय संबोधन में प्रधानाचार्य डॉ. चन्द्रभूषण सिंह ने कहा कि आज हमारी प्रकृति खतरे में है क्योंकि हमने भारी संख्या में वनों को नष्ट किया है। कार्यक्रम का संचालन एनएसएस पदाधिकारी डॉ. विनोदानन्द झा ने किया। धन्यवाद ज्ञापन वरीय सहायक एस.एम. पाठक ने किया।

