Home Featured वाह रे बिजली विभाग! बारिश की एक बूंद क्या गिरी, जाले 18 घंटे से बेहाल, उपभोक्ता परेशान
Featured - मुख्य - July 15, 2025

वाह रे बिजली विभाग! बारिश की एक बूंद क्या गिरी, जाले 18 घंटे से बेहाल, उपभोक्ता परेशान

दरभंगा: जाले पावर सब स्टेशन की ‘महान’ कार्यप्रणाली एक बार फिर उजागर हुई है। सोमवार की रात मामूली बूंदाबांदी क्या हुई, जाले नगर परिषद क्षेत्र समेत सभी 6 फीडरों में बिजली आपूर्ति बीते 18 घंटे से भी ज़्यादा समय से ठप पड़ी है। सोमवार रात करीब 10:30 बजे से गुल हुई बिजली ने गर्मी से बेहाल लोगों की परेशानी कई गुना बढ़ा दी है।

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हाथ पंखा और पानी का हाहाकार

बिजली न होने से घरों के इन्वर्टर जवाब दे गए हैं और लोग भीषण गर्मी में हाथ पंखा लेकर खुली जगहों पर रात भर जागने को मजबूर हैं। लेकिन सबसे बड़ी आफत पानी की है। चापाकल और हैंडपंप ने पानी देना बंद कर दिया है, जिससे पीने के पानी के लिए हाहाकार मचा हुआ है। नगर परिषद द्वारा पानी के टैंकर से सप्लाई भी ठप हो गई है, क्योंकि बिजली न होने से पंप काम नहीं कर रहे।

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जेई साहब का ‘पल्ला झाड़’ जवाब

इस गंभीर स्थिति पर जाले के जेई कुमार गौरव से बात करने पर उन्होंने जलेश्वरी स्थान के पीछे मुख्य ट्रांसमिशन लाइन से जुड़े 11 हजार संचरण लाइन पर पेड़ गिरने से तार टूटने की बात कही। वे मिस्त्री के ठीक करने की बात कहकर अपना पल्ला झाड़ते नज़र आए। यह भी गौरतलब है कि तारों के रखरखाव और पेड़ों की टहनियों की कटाई-छंटाई न होने के कारण यह समस्या बार-बार उत्पन्न हो रही है, लेकिन इस पर जेई साहब कुछ भी बताने से बचते दिखे।

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शहरी बिल, ग्रामीण आपूर्ति!

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जाले को शहरी क्षेत्र होने के कारण उपभोक्ताओं से 7 रुपये 50 पैसे प्रति यूनिट बिजली बिल वसूला जाता है, लेकिन बिजली आपूर्ति के नाम पर सिर्फ कटौती ही हाथ लगती है। अनवरत बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए कोई ठोस कदम उठाए जाते नज़र नहीं आते। बिजली की इस भीषण कटौती से उपभोक्ताओं में भारी आक्रोश है। छात्रों को तो पढ़ाई के समय यानी अहले सुबह और शाम को निश्चित रूप से बिजली कटने की आदत सी पड़ गई है। सवाल ये है कि आखिर कब तक जाले के लोग इस ‘बिजली विभाग की कृपा’ पर निर्भर रहेंगे?

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