Home Featured सूखते चापाकल, पाटे गए तालाब और चुप सरकार: दरभंगा में INDIA का जल आंदोलन।
Featured - मुख्य - July 14, 2025

सूखते चापाकल, पाटे गए तालाब और चुप सरकार: दरभंगा में INDIA का जल आंदोलन।

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दरभंगा: जल संकट को लेकर सोमवार को इंडिया गठबंधन के बैनर तले विभिन्न दलों के नेताओं व कार्यकर्ताओं ने लहेरियासराय स्थित पोलो मैदान धरनास्थल से आक्रोश मार्च निकालकर जिलाधिकारी कार्यालय का घेराव किया। प्रदर्शनकारियों ने केंद्र एवं राज्य सरकार की नीतियों को जल संकट के लिए जिम्मेदार ठहराया और दोषपूर्ण नल-जल योजना व सूखते चापाकलों पर कड़ा विरोध जताया।

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आक्रोश मार्च का नेतृत्व भारत सरकार के पूर्व राज्य मंत्री मो. अली अशरफ फातमी, सीपीएम के राज्य सचिव ललन चौधरी, राजद जिलाध्यक्ष उदय शंकर यादव, भाकपा के जिला मंत्री नारायणजी झा, सीपीएम नेता श्याम भारती, कांग्रेस जिलाध्यक्ष दयानंद पासवान, भाकपा (माले) के आर.के. सहनी, वीआईपी के विनोद बम्पर सहित कई नेताओं ने किया। मार्च के दौरान कार्यकर्ता “जल संकट के लिए जिम्मेवार डबल इंजन सरकार”, “जल ही जीवन है, जल संकट समाधान करो” जैसे नारे लगाते हुए जिलाधिकारी कार्यालय पहुंचे।

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प्रदर्शन को संबोधित करते हुए वक्ताओं ने कहा कि दरभंगा समेत पूरे मिथिलांचल में पेयजल संकट गंभीर होता जा रहा है, जिसका मूल कारण सरकार की विफल व कॉरपोरेट-परस्त नीतियां हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि नल-जल योजना के नाम पर हर वार्ड व पंचायत में बेतरतीब तरीके से समरसेबल बोरिंग करवा दिए गए हैं, जिससे भूजल स्तर नीचे चला गया और हजारों चापाकल बेकार हो गए।

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नेताओं ने कहा कि जल संसाधन विभाग द्वारा नदियों पर अनावश्यक बांध बनाकर सिंचाई व्यवस्था को भी चौपट कर दिया गया है। नहरों में पानी नहीं छोड़ा जा रहा, जिससे किसान सिंचाई के अभाव में संकट में हैं। दरभंगा जैसे जिले में जहां जलस्तर ऐतिहासिक रूप से बेहतर रहा है, अब वहां लोग एक-एक बूंद पानी को तरस रहे हैं।

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प्रदर्शनकारियों ने कहा कि विगत दो दशकों में दरभंगा शहर के सौ से अधिक तालाबों को भू-माफियाओं द्वारा पाटकर बेच दिया गया, जिसकी अनुमति और मौन समर्थन प्रशासन व सरकार ने ही दिया। इन तालाबों का अतिक्रमण भी जल संकट का एक बड़ा कारण बना है।

उन्होंने सरकार से मांग की कि अविलंब सभी शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्रों में शुद्ध पेयजल की स्थायी व्यवस्था की जाए, तालाबों को अतिक्रमण से मुक्त कर संरक्षित किया जाए तथा नहरों व जल स्रोतों को पुनर्जीवित कर जल संकट से राहत दी जाए।

प्रदर्शन में देवेन्द्र कुमार, उमेश प्रसाद साह, सत्यनारायण पासवान, किसान नेता धर्मेश यादव, साधना शर्मा, सविता देवी, जिला परिषद सदस्य सुमित्रा देवी, सुधीर साह, विश्वनाथ मिश्र, रामनरेश राय, दिलीप भगत, महेश दुबे समेत सैकड़ों कार्यकर्ता उपस्थित थे।

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