
हत्याकांड में पुलिस की शर्मनाक लापरवाही, डीआईजी ने एसडीपीओ से स्पष्टीकरण तलब, दरोगा पर कार्रवाई के आदेश।
दरभंगा: बिरौल थाना के कांड-403/24 में पुलिस की गंभीर उदासीनता उजागर हुई। मिथिला डीआईजी डॉ. स्वप्ना गौतम मेश्राम ने बिरौल एसडीपीओ प्रभाकर तिवारी से स्पष्टीकरण मांगा और अनुसंधानकर्ता दरोगा मुकेश कुमार पर विभागीय कार्रवाई शुरू करने के निर्देश जिला एसएसपी जगुनाथ रेड्डी जला रेड्डी को दिए।

28 अक्टूबर 2025 को दर्ज इस केस में मारपीट से घायल वृद्ध गणेश महतो की इलाज के दौरान मौत हो गई। प्राथमिकी में 9 नामजद अभियुक्तों में सिर्फ नंदकिशोर महतो पकड़ा गया। बाकी 8 फरार हैं। इश्तेहार के बावजूद ढाई माह बाद भी न गिरफ्तारी, न कुर्की।

26 दिसंबर को वर्चुअल समीक्षा में डीआईजी को यह लापरवाही साफ दिखी। हत्या जैसे गंभीर मामले में उदासीनता पर दरोगा मुकेश के खिलाफ 10 दिनों में कार्रवाई रिपोर्ट मांगी।
एसडीपीओ प्रभाकर तिवारी पर साढ़े सात माह बाद प्रगति रिपोर्ट भेजने का आरोप। नियमित समीक्षा न करने पर एक सप्ताह में स्पष्टीकरण तलब। डीआईजी ने शेष अभियुक्तों की जल्द गिरफ्तारी या कुर्की व पर्यवेक्षण प्रतिवेदन-02 का पालन सुनिश्चित करने को कहा।

