
नोटबंदी पर माले सहित वाम संगठनों की जनसुनवाई आयोजित। Voice of Darbhanga

दरभंगा : भाकपा माले सहित आठ वामपंथी विचार के संगठनों ने नोटबंदी के खिलाफ एकजुट होकर लहेरियासराय स्थित पोलो मैदान में जनसुनवाई का आयोजन किया. माले के अलावा खेग्रामस, किसान महासभा, एक्टू, ऐपवा, आइसा, इनौस और इंसाफ मंच के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित जनसुनवाई कार्यक्रम को संबोधित करते हुए माले पोलित ब्यूरो सदस्य धीरेन्द्र झा ने कहा कि मोदी सरकार ने नोटबंदी करके देश को आर्थिक संकट में खड़ा करने का काम किया है. उन्होंने आरोप लगाया कि कालाधन और नकली नोट पर कारवाई के नाम पर मोदी सरकार द्वारा लाया गया नोटबंदी पूरी तरह फ्लॉप साबित हुआ है. उन्होंने कहा कि देश के प्रधानमंत्री को राष्टÑ की जनता से माफी मांगनी चाहिए. दरभंगा चिकित्सा महाविद्यालय अस्पताल के प्राध्यापक डॉ. अजीत कुमार चौधरी ने कहा कि देश की मोदी सरकार लगातार भीमराव अम्बेदकर के बनाये संविधान और संवेधानिक संस्थाओं को रौंद रही है. डा. चौधरी ने सवाल खड़ा करते हुए कहा कि नोटबंदी करके रिजर्व बैंक की स्वायत्ता का अतिक्रमण किया जा रहा है. वहीं बैंक से अवकाश प्राप्त प्रबंधक अखिलेश कुमार चौधरी ने कहा कि 56 इंच के सीना का मापदंड तो सिपाहियों के लिए होता है. प्रधानमंत्री के लिए नहीं. उन्होंने कहा कि बैंक को चेक देते हैं तो संविधान अनुच्छेद 301, 321 के तहत उसका भुगतान नहीं करना अपराध की श्रेणी में आता है. उन्होंने कहा कि इस कारवाई से कालाधन और भ्रष्टाचार बढ़ेगा. इस मौके पर विचार रखने वालों में शीला देवी, प्रवीन यादव, सानु यादव, मो. इम्तेयाज, सरोजनी सिंह, मो. लाडले, राहत अली, ऋषिकेश झा, अवधेश ्रसिंह, जिला सचिव बैद्यनाथ यादव, नैयाज अहमद, संदीप चौधरी, बैद्यनाथ झा, मंजु झा, संजीव ठाकुर, रंजीत झा, गजेन्द्र नारायण शर्मा, रंजीत राम, आरएन शुक्ला, किशुन महतो, अभिषेक कुमार, देवेन्द्र कुमार, उमेश प्रसाद साह, प्रिन्स कुमार कर्ण, हरि पासवान, सावित्री देवी, पप्पु पासवान, लक्ष्मी पासवान, आर.के सहनी, नंदलाल ठाकुर, मिथिलेश्वर सिंह, लाल कुमार साह आदि शामिल थे. वहीं इस अवसर पर सात सूत्री प्रस्ताव पारित किया गया. जिसमें कहा गया है कि 45 दिन गुजरने के बाद भी जनता अपने ही पैसे निकालने पर रोक मौलिक अधिकार पर हमला है और यह आपातकाल जैस कदम है.

