
सुपौल बाज़ार में जलजमाव की समस्या बनी लाइलाज बीमारी। Voice of Darbhanga

दरभंगा(सं0सू0): जलजमाव की समस्या से जूझ रहे बिरौल अनुमंडल का मुख्य सुपौल बाजार को इसके स्थायी निदान की दरकार है। लगभग एक माह से सुपौल बाजार के शिवाजी नगर स्थिति मुख्य मार्ग पर जलजमाव कीचड़ से बरसात जैसा मौसम लगने लगा है। बाजार के एक दर्जन घरों में नाले से निकला गंदा पानी प्रवेश कर जाने से लोगों को परेशानी से जूझना पड़ रहा है। पांच माह पूर्व जदयू नेत्री रजनी महतो एवं एसडीओ मो. शफीक के प्रयास से नवनिर्वाचित हुए नए मुखिया ने अपने निजी कोष से सुपौल बाजार, स्वर्णकार ब्राह्मण टोला के लोगों को तत्काल जलजमाव से निजात दिला दिया गया।
इस सड़क से प्रतिदिन क्षेत्र के लोग बैंकों, विद्यालय, कॉलेज, अनुमंडल प्रखंड कार्यालय आते जाते है एवं मुख्य बाजार होने के कारण यहां प्रत्येक दिन आठ से दस हजार लोग खरीदारी करने पहुंचते है। सरकार की उदासीनता के कारण स्थानीय ग्रामीण पंचायत प्रतिनिधियों के साथ इस रास्ते से जलजमाव, गंदगी हटाने का बीड़ा उठाते रहे लेकिन इस कार्य के लिए पंचायत में राशि उपलब्ध नहीं रहने से मुखियाजी ने भी अपना हाथ उठा लिया है।
स्थानीय दुकानदारों में प्रह्लाद महतो, मंजर आलम, कैलाश पोद्दार, मुनिंदर महतो, मो. मुशा अंसारी, मो. परवेज का कहना है कि जल समस्या का स्थायी निदान नहीं होने से दुकानदारों को परेशानी हो रही है। वहीं घरों में घुसे नाले की पानी से परेशान गृहस्वामी राज कुमार मंडल, विश्वनाथ मंडल, मानव मंडल, विजय मंडल, दिनेश मंडल, कृष्णा मंडल, मिथिलेश मंडल, सुरेन्द्र मंडल ने बताया कि जल की निकासी नहीं होने के कारण बाजार के नाले का गंदा पानी घर आंगन में जमा हो गया है। कहने के बावजूद पंचायत स्तर पर इसकी व्यवस्था नहीं की जा रही है।
मुखिया शत्रुघ्न सहनी ने बताया कि अपने स्तर से बाजार में चार बार जलजमाव की समस्या को दूर किया है। बाजार में जलजमाव की समस्या के स्थायी निदान तब होगी जब पुराने जर्जर नाले के स्थान पर नए नाले का निर्माण हो सके। वैसे भी पंचायत में विकास मद में कोई राशि नहीं आई है।

