
बाबा की नगरी कुशेश्वर में मारे जा रहे हैं विदेशी मेहमान! Voice of Darbhanga

दरभंगा(स0 सू0): कुशेश्वरस्थान थाना क्षेत्र एवं तिलकेश्वर ओपी क्षेत्र में चोरी- छिपे विदेशी मेहमान पक्षियों की शिकारमाही होने की सूचना संवाद सूत्रों से मिल रही है। शिकारमाही कर इन पक्षियों को मुहमांगी कीमत पर पर बेचे जाने की भी सूचना मिली है। इन दिनों कुशेश्वरस्थान पूर्वी प्रखंड के उसड़ी, तिलकेश्वर, उजुआ सिमरटोका, भिन्डुआ एवं पश्चिमी प्रखंड के चिगरी, पकाही, झझड़ा सहित दर्जनों चौरों में हजारो की संख्या में विदेशी पक्षियों का बसेरा बना हुआ है। मालूम हो कि कुशेश्वरस्थान का आधा से अधिक हिस्सा दियारा क्षेत्र में बसा हुआ है। जिसका फायदा उठा कर शिकारी घन्नी जाल बिछाकर पक्षियों को फंसाते हैं। इतना ही नहीं अगर जाल में किसी कारण नही फंसा तो उसे जहर दे कर मार दिया जाता है। शिकारी इतने शातिर हैं कि पुलिस की आंखों में धूल झोंककर शिकारमाही करते हैं। इतना ही नहीं कुशेश्वरस्थान की सीमा से सटे सहरसा जिले का जलई गांव का चौर भी विदेशी पक्षियों से पटा है। वहां से भी पक्षियों की शिकारामाही कर यहां लाकर बेचा जाता है।
बताया जाता है कि सरायर एक जोड़ा 800 रुपये, दिघौन्च एक जोड़ा 1600 रुपये व लालसर एक जोड़ा 3500 रुपये में बेचा जाता है। बता दें कि राज्य सरकार कुशेश्वरस्थान को पक्षी विहार घोषित कर चुकी है। यहां विदेशी पक्षियों की शिकारमाही पर पूरी तरह प्रतिबंध है। शिकारमाही पर रोक को लेकर शिवगंगा घाट स्थित लाखों की लागत से सामुदायिक भवन सह वॉच टावर का निर्माण कराया गया। बावजूद विदेशी पक्षियों की शिकारमाही हो रही है।

