
जिलाध्यक्ष से नही तो फिर किससे पूछ कर होता है जिला भाजपा में असंवैधानिक कार्य? Voice of Darbhanga

दरभंगा। अभिषेक कुमार
गुरूवार को एक कार्यक्रम के आयोजन का प्रेस सूचना भाजपा के युवा कार्यकर्त्ता द्वारा उनके फेसबुक वाल पर पोस्ट किया गया। प्रेस सूचना एक लेटर पैड पर पोस्ट किया गया था। भाजपा युवा मोर्चा के जिला उपाध्यक्ष के नाम का लेटर पैड था। ज्ञात हो कि भाजपा युवा मोर्चा के जिलाध्य्क्ष के निलंबन के बाद से कमिटी भंग है और भाजपा के संविधान के मुताबिक नये कमिटी के गठन तक कोई व्यक्ति अपने पद का लेटर पैड उपयोग नही कर सकते। अतः इसे पोस्ट करने वाले उक्त कार्यकर्त्ता से बात की गयी तो उक्त कार्यकर्त्ता ने वरीय से पूछ कर सारा कार्यक्रम करने की बात कही। इस पर जब भाजपा के जिलाध्यक्ष हरी सहनी से बात की गई तो उन्होंने इसतरह के लेटर पैड का उपयोग को पूर्णतः गलत बताया और कहा कि नए कमिटी के गठन तक कोई पद का उपयोग नही कर सकते।
अब सवाल यह उठता है कि उक्त युवा कार्यकर्त्ता ने किसके कहने पर यह अंसवैधानिक कार्य करने की हिम्मत की जब जिलाध्यक्ष इसे असंवैधानिक बता रहे हैं। इसका जवाब का भी कयास शायद कुछ हद तक लगाया जा सकता है। उक्त कार्यकर्त्ता ने लेटर पैड के साथ कुछ देर के अंतराल पर नगर विधायक संजय सरावगी के अपने यहां पहुंचने की सूचना के साथ उनके साथ अपनी तस्वीर पोस्ट की। जबकि उक्त कार्यकर्त्ता का घर न ही नगर विधायक के कार्य क्षेत्र में है और न ही कार्यकर्त्ता के यहां कोई विशेष प्रयोजन था। फिर भी नगर विधायक का पहुंचना और उक्त कार्यकर्त्ता का पार्टी के संविधान के विरुद्ध कार्य करने की हिम्मत दिखाना कहीं न कहीं नगर विधायक का वरदहस्त होने की ओर इशारा जरूर कर गया। इसका कारण भी है। कभी नगर विधायक के करीबी कहे जाने वाले युवा कार्यकर्ताओं की प्रमुख टीम इसबार प्रदेश अध्यक्ष के स्वागत कार्यक्रम में नगर विधायक की जगह गोपालजी ठाकुर जिंदाबाद के नारे लगाते दिखे। गोपालजी ठाकुर की खेमे में अपने समर्थकों को जाते देख विधायक द्वारा अपना नया चेला तलाशने की शुरुआत के रूप में भी इस धृष्टता की अनुमति देने को देखा जा सकता है।
कारण जो भी हो, फिलहाल तो कयास ही लगाये जा सकते हैं। पर यदि ऐसा है तो क्या वर्तमान जिलाध्यक्ष अनुशासन तोड़ने/तोड़वाने वाले पर करवाई करने में सक्षम होते हैं या नही, यह महत्वपूर्ण तथ्य हो सकता है।

