Home मुख्य दीक्षांत समारोह सम्पन्न, नही आये कुलाधिपति। Voice of Darbhanga
मुख्य - January 6, 2017

दीक्षांत समारोह सम्पन्न, नही आये कुलाधिपति। Voice of Darbhanga

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दरभंगा : ललित नारायण मिथिला विवि के सातवें दीक्षांत समारोह के मौके पर शुक्रवार को ललित नारायण मिथिला विवि में मुख्य अतिथि के रूप में बीएचयू के कुलपति किरीश चन्द्र त्रिपाठी, राज्य के राजस्व मंत्री मदन मोहन झा, लनामिवि के कुलपति प्रो. साकेत कुशवाहा, लनामिवि के पूर्व कुलपति डॉ. एसएम झा, लनामिवि के पूर्व सह आर्यभट्ठ विवि के कुलपति डॉ. एसपी सिंह, देश के पूर्व वैज्ञानिक मानस बिहारी वर्मा, नालंदा, भागलपुर विवि के कुलपति, कुलसचिव, अधिसद् एवं विद्वत् परिषद के सदस्यों के उपस्थित में मंच का संचालन संचालन प्रो. रश्मि व प्रो. इंदिरा कुमारी ने किया.

धन्यवाद ज्ञापन प्रतिकुलपति डॉ. सैयद मुमताजुद्दीन द्वारा किया गया. वहीं दीक्षांत समारोह में 25 छात्र –छात्राओं के बीच गोल्ड मेडल प्रदान किया गया. गोल्ड मेडल प्राप्त करने वालों में एमएससी बायोटेक्नोलॉजी विषय से कुमारी रागनी, बायोलोजी में पूजा कुमारी, केमेस्ट्री में अंशु प्रतीक, मैथ में दिव्या कुमारी, फिजिक्स में अब्दुल वाहिद, जुलोजी में ऋचा कुमारी, इंग्लिश में ऋचा चंद्रा, आद्या सुमन, हिंदी में नियति कुमारी, मैथिली में रौशन कुमार यादव, म्यूजिक में आरती कुमारी, फिलॉस्फी में दिरेश कांत झा, संस्कृत में रविंद्र कुमार चैधरी, उर्दू में मो. रिजवान, एआईएच एंड सी में गिरींद्र मोहन, इकोनोमिक्स में पुष्पा कुमारी, भूगाल में सत्यानंद सिंह, इतिहास में विद्यारानी, गृहविज्ञान में काजल कुमारी, मनोविज्ञान में कृति कुमारी, समाजशास्त्र में पिंकी कुमारी, एम.काॅम में सिल्पी कुमारी, एमबीए में भावना झा व एमएड में किरण कुमारी को स्वर्ण पदक से सम्मानित किया गया.
साथ ही पीएचडी के लिए राहुल प्रकाश, गौतम कुमार, इम्तीयाज अली, इरफान अहमद, सुधा कुमारी, राजेश कुमार, चंदन कुमार, शंभू कुमार सहित कुल 43 छात्र-छात्राओं को पीएचडी की उपाधि प्रदान की गई. दीक्षांत समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में बीएचयू के कुपलपति गिरीश चन्द्र त्रिपाठी ने कहा कि आदिकाल से ही मिथिला और काशी एक दूसरे के पूरक रहें हैं. जहां काशी महादेव की भूमि हैं, वहीं मिथिला जगत् जननी जानकी की जन्मभूमि है. उन्होंने कहा कि शिक्षा बुद्धि के विकास तथा समाज के पुर्नगठन का आधारभूत साधन है. राष्ट्रीय एकता के प्रश्न में जीवन की प्रत्येक वस्तु आ जाती है. किंतु शिक्षा का स्थान सबसे ऊपर हैं. वहीं कार्यक्रम को संबोधित करते हुए लनामिवि के कुलपति साकेत कुशवाहा ने कहा कि यह धरती जगत जननी जानकी, अहिल्या, गौतम, याज्ञवल्लक्य, अयाचि, मंडन, विद्यापति, नागार्जुन और उमेश-अमरनाथ की जन्म भूमि है.
उन्होंने कहा कि दीक्षांत समारोह की खुशी की अनुभूति को शब्दों में कहना मुश्किल हो रहा है. मिथिला का अतीत काफी गौरवशाली रहा है. वीसी ने बताया कि वर्ष 2016 में होने वाली 45 परीक्षाओं में से 40 परीक्षाएं आयोजित की गयी थी. जिसमें से 35 परीक्षाओं का परीक्षाफल घोषित कर दिया गया. शेष परीक्षाफल शीघ्र प्रकाशित की जायेगी.

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