
औरंगाबाद गोलीकांड में कोर्थु का जवान शहीद। Voice of Darbhanga

दरभंगा: औरंगाबाद में साथियों की गोलीबारी में मारे गये चार जवानों में से एक जवान बिरौल अनुमंडल के कोर्थु गांव का निवासी है। बताया जाता है कि अमरनाथ मिश्र घनश्यामपुर के कोर्थु पश्चिमी पंचायत की वार्ड संख्या 9 के निवासी हैं। इनके पिता का नाम उग्रनारायण मिश्र तथा माता का नाम गौड़ी देवी है। बेहद विनम्र अमरनाथ सीआइएसएफ में कार्यरत थे। इनका गांव में प्रचलित नाम मुन्ना था। इस दुखद घटना से गांव तथा क्षेत्र के लोग मर्माहत हैं।
बताते चले कि औरंगाबाद में गुरुवार दोपहर CISF के एक जवान ने साथियों पर फायरिंग की। इसमें चार जवानों की मौत हो गई, जबकि एक गंभीर रूप से जख्मी है। इन जवानों की पोस्टिंग औरंगाबाद जिला हेडक्वॉर्टर से करीब 50 km दूर एनटीपीसी पावर प्रोजेक्ट पर थी। फायरिंग करने के आरोपी जवान का नाम बलबीर सिंह है। वो उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ का रहने वाला है। उसे गिरफ्तार कर लिया गया है।
छुट्टी ना मिलने से नाराज था बलबीर…
बताया जा रहा है कि गोली चलाने वाला जवान छुट्टी नहीं मिलने से नाराज था। दोपहर करीब 12 बजे उसने अपनी इंसास राइफल से चार जवानों पर गोली चलाई।
फायरिंग करने वाले जवान को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। उसकी इंसास राइफल भी जब्त कर ली गई है।
औरंगाबाद एसपी सत्य प्रकाश के मुताबिक, बलवीर सिंह ने फायरिंग की। दो जवानों बच्चा शर्मा और एएन. गुप्ता की मौके पर ही मौत हो गई। माना जा रहा है कि वह छुट्टी से जुड़े मुद्दों के चलते नाराज था।
इन जवानों की मौत
1. बच्चा शर्मा
2. एएन. गुप्ता
3. जीएस. राम
4. एचएस. भोला
कैसे किया हमला?
आरोप है कि बलवीर ने शिफ्ट बदलने के दौरान इकट्ठा हुए जवानों पर फायरिंग कर दी। बाद में उसे दूसरे जवानों ने काबू में किया।
– न्यूज एजेंसी के मुताबिक, बलवीर दो महीने का योगा कोर्स करके लौटा था। उसे छुट्टी चाहिए थी। सीआईएसएफ ने कोर्ट ऑफ इन्क्वायरी के आदेश दिए हैं।
बता दें कि औरंगाबाद जिले में सीआईएसएफ की तैनाती इसलिए हुई है क्योंकि यहां एनटीपीसी और बिहार सरकार के ज्वाइंट वेंयर के तहत एक थर्मल पावर प्रोजेक्ट का काम चल रहा है।

