
CISF जवान का शव पंहुचा पैतृक गांव, गार्ड ऑफ ऑनर के साथ हुआ अंतिम संस्कार। Voice of Darbhanga

दरभंगा। औरंगाबाद के NTPC कैम्प में हुए गोलीबारी में मारे गये CISF के जवान अमरनाथ मिश्र का शव जैसे ही दरभंगा उनके पैतृक गाव कोर्थु पंहुचा मानो पूरा गाव मातम में डूब गया परिवार वालो का रो रो कर बुरा हाल था तो रिश्तेदार के भी आंसू रुकने का नाम नहीं ले रहे थे। सभी का गम एक सामान था पर सबसे ज्यादा पीड़ा तो उस माँ बाप को हो रही थी जिनके आँखों के सामने बेटे की अर्थी जाते देख कलेजा फट रहा था। उधर पत्नी संगीता देवी की तो मानो दुनिया ही उजड़ गयी ही उनका हाल तो और खराब था। अपने पति के शव के पास रो रो कर कई बार बेहोश होती रही। किसी तरह लोग उसे संभालने में लगे थे। तिरंगे में लिपटे जवान का शव के अंतिम संस्कार में सैकड़ो ग्रामीण के नम आँखों से उनको विदाई दी। इससे पहले CISF के जवान को गार्ड ऑफ ऑनर के साथ श्रद्धांजलि भी दी गयी जिसमे CISF के अधिकारी सहित कुछ जवान भी शामिल थे। मुख़ाअग्नि मृतक अमरनाथ मिश्र के बड़े पुत्र मनीष मिश्रा ने दिया।
इधर मृतक जवान की पत्नी संगीत देवी ने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा गोली चलनेवाला जवान का उग्रवादीओ साठ गाठ है और पूरी प्लानिंग के साथ यह हत्या की गयी है। सभी को सर और गर्दन में गोली मारी गयी है। घटना की जांच ईमानदारी से होनी चाहिए। साथ ही उनके पति को शहीद का दर्ज़ा मिलना चाहिए ।
दूसरी तरफ शव के साथ आये CISF के अधिकारी अरविन्द कुमार ने अपनी पूरी संवेदना परिवार के प्रति दिखाते ऐसी घटना को बेहद दुखी बताते हुए कहा कि ऐसी घटना अचानक भले ही हुई हो पर ऐसी घटना नहीं होनी चाहिए। CISF के लिए काफी दुःख की बात है।
वही मृतक का पुत्र ने सरकार से न्याय की गुहार लगाई साथ ही घटना से आहत से मोहन ने सरकार को नसीहत देते हुए कहा की ऐसे सरफिरे और पागल लोगो को सेना में रखना ही नही चाहिए ताकि ऐसी घटना की भविष्य में पुनरावृति न हो ।

