Home मुख्य चुनाव आयोग के आइकन बनने पर मणिकांत झा का पैतृक गांव में हुआ अभिनन्दन। Voice of Darbhanga
मुख्य - January 14, 2017

चुनाव आयोग के आइकन बनने पर मणिकांत झा का पैतृक गांव में हुआ अभिनन्दन। Voice of Darbhanga

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दरभंगा: चुनाव आयोग के आइकॉन मणिकांत झा का अभिनन्दन आज उनके  गाँव दरभंगा जिले के शुभंकरपुर मे समारोह पूर्वक किया गया । कार्यक्रम का शुभारंभ गंधर्व झा के वेदध्वनि से हुआ । इस अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप मे उपस्थित उप विकास आयुक्त विवेकानंद झा ने कहा कि प्रजातंत्र रूपी जननी की पूजा का अधिकार मणिकांत झा को मिला है जो सामान्य प्रतिष्ठा से काफी उपर है । उन्होने कहा कि इन्हे आइकॉन बनाए जाने से सिर्फ शुभंकरपुर और दरभंगा ही नही अपितु पूरा मिथिला गौरवान्वित हुआ है । डी डी सी ने 21 जनवरी को बनेने वाले मानवशृंखला मे भी शुभंकरपुर और मिथिलावासियों से अग्रणी भूमिका का निर्वहन करने का आग्रह किया ।

अभिनन्दन समिति शुभंकरपुर द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम को संबोधित करते हुए डा बैद्यनाथ चौधरी बैजू ने कहा कि मणिकांत झा ने आरंभ से ही मैथिली की सेवा की है जिसका परिणाम है कि चुनाव आयोग ने इन्हे मैथिली साहित्यकार के रूप मे अपना आइकॉन बनाया है । समारोह को संबोधित करते हुए प्रख्यात शिशु रोग विशेषज्ञ डा ओमप्रकाश ने कहा कि मणिकांत मित्रों के मित्र हैं। जड़ से जुड़ने की कला कोई इनसे सीखे । मदन प्रसाद राय ने कहा कि इनके उपर अब और अधिक जिम्मेवारी बढ़ गई है जिसका निर्वहन ये बखूबी करेंगे यह विश्वास है । प्रख्यात राजनीतिक चिंतक प्रो जितेंद्र नारायण ने कहा कि जो समाज अपने घर के लाल को सम्मान करता है वही दूसरों का भी सम्मान करता है । शुभंकरपुर की गौरवशाली परंपरा रही है जिसे मणिकांत ने आगे बढ़ाया है । प्रो अशोक कुमार झा ने कहा कि इनके आइकॉन बनने से मतदान प्रतिशत निश्चय ही बढ़ेगा । डा जय प्रकाश चौधरी जनक के संचालन मे चले इस सम्मान समारोह मे विशालकाय पुष्प माल्य, मखान के माला, पाग, दोपटा तथा सम्मान पत्र देकर मणिकांत झा को सम्मानित किया गया । सम्मान के प्रति आभार प्रदर्शित करते हुए मणिकांत ने कहा कि आइकॉन मैं नही अपितु मेरा पूरा गाँव बना है । उन्होने कहा कि गाँव के लोगों द्वारा मिले दुलार- प्यार पाकर मै अविभूत हूँ  । अपने अध्यक्षीय उद्बोधन मे बिनोद कुमार झा ने कहा कि इस सम्मान से मेरा पूरा गाँव गौरवान्वित हुआ है ।  इस कार्यक्रम मे जीव कांत मिश्र, विजय कांत झा , बालेंदु झा बालाजी, सोनू तिवारी, बालेंदु झा, श्रवण कुमार झा, संतोष, माधव , पिंटू ,अनिता कुमारी, रमण कुमार झा , हेमचंद्र ठाकुर सहित अनेक वक्ताओं मे अपने विचार रखे ।

दूसरे सत्र मे विष्णुदेव झा विकल की अध्यक्षता मे भव्य कवि सम्मेलन आयोजित हुआ जिसमे शंभुनाथ मिश्र आसी, डा जनक, शारदानंद सिंह , दिनेश झा सहित अनेक कवियों ने अपनी रचनाएँ सुनाई । संचालन कवि हरिश्चन्द्र हरित ने किया ।

अभिनन्दन समारोह का तीसरा सत्र रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम को समर्पित था जिसमे विनय कुमार झा, डा सुष्मा झा , दीपक कुमार झा, नीरज कुमार , गौरीकांत झा , अशोक कुमार झा , अभय कुमार धवल , दिलीप कुमार सहित अनेक कलाकारों ने अपनी प्रस्तुति से समाँ बांध दिया । देर शाम तक चले इस कार्यक्रम का संचालन प्रवीण कुमार झा ने किया ।

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