
शिक्षा के साथ संस्कार एवं अनुशासन भी विद्यालय में जरुरी: डा0 शकील अहमद। Voice of Darbhanga

दरभंगा: कांग्रेस के राष्ट्रीय प्रवक्ता व पूर्व केंद्रीय गृह राज्य मंत्री डॉ. शकील अहमद ने कहा कि शिक्षा के साथ विद्यालय में संस्कार व अनुशासन भी जरूरी हैं। घर के बाद बच्चे सबसे ज्यादा विद्यालय में समय व्यतीत करते हैं।
बच्चों को घर के अलावा विद्यालय में जिस तरह का माहौल मिलेगा, बच्चे उसी का अनुसरण करेंगे। उक्त बातें उन्होंने मंगलवार को पाराडीह में बुलू वेल्स इंग्लिश स्कूल के नये भवन का दीप प्रज्वलित कर उद्घाटन के बाद कही। उन्होंने कहा कि पाराडीह का सौभाग्य है कि इस तरह का विद्यालय गांव में खुला है।
केवटी के विघायक डॉ फराज फातमी ने शिक्षा के महत्व पर चर्चा करते हुए कहा कि यहां के बच्चों में टैलेंट की कमी नही हैं। उन्होंने बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा देने की अपील विद्यालय प्रबंघन से की।
वहीं बेनीपट्टी के विघायक भावना झा ने कहा कि बेटा हो या बेटी अभिभावक दोनों की शिक्षा-दीक्षा में अंतर नहीं करते। यही बड़ा बदलाव है जो आज पूरे समाज को शिक्षा के लिए उद्देलित कर रहा है।
उन्होंने निजी विद्यालयों की सराहना करते हुए कहा कि आज इसी के कारण गुणवत्ता कायम है। लनामिविवि के प्रोवीसी प्रो. एस मुमताजुद्धीन ने कहा कि बच्चे देश के भविष्य हैं। साथ ही विद्यालय के निदेशक मो. राजा ने कहा कि गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के साथ विद्यालय में अनुशासन व आरटीई एक्ट का पूरा घ्यान रखे जाने की बात कही।
प्राचार्य किरण सिंह की अध्यक्षता व मोनौअर राही के संचालन में आयोजित कार्यक्रम में बीडीओ मो. तौकीर हाशमी, सीओ संतोष कुमार सुमन, एएम अशरीफ फरीद, प्रो. मोहसिन, मो. अखलाक, अहमद रेजा बब्लू, अब्दुल मन्नान तरजी, डॉ मंसूर खुश्तर, फिरदौश अली, सैफुल इस्लाम, मो. ज्याउल होदा छोटू, रूपम झा, गुलाम हुसैन चीना, धर्मवीर कुमार मुन्ना, अनवर जहां खानम, जयनारायण मिश्र, शत्रुधन मंडल, राजेंद्र मंडल व अन्य मौजूद थे।

