
गंदगी एवं कुव्यवस्था के बीच पढ़ाई के बदले विद्यालय में ताश खेलते नजर आते हैं देश के भविष्य। Voice of Darbhanga

घनश्यामपुर। फखरे आलम
घनश्यामपुर प्रखंड अंतर्गत ब्रह्मपुरा मसवासी पंचायत के नव सृजित प्राथमिक विद्यालय मल्लाह टोल मसवासी की व्यवस्था इस तरह है कि वहाँ कोई जाना पसंद नहीं करे। मगर हमारे देश का भविष्य उस गंदगी में पढ़ने को मजबूर है। इस विद्यालय का सभी शौचालय क्षतिग्रस्त हो चूका है। विद्यालय के छात्र व छात्राओं को शौच के लिए बहर जाना पड़ता है। विद्यालय के कल पर इतनी ज्यादा गंदगी है कि वहां जाने में भी भय लगता है। विद्यालय के कई वर्ग का तो दरवाजा भी क्षतिग्रस्त हो चुका है। पढ़ाई के समय भी बच्चे सड़को पर मिट्टियों में खेलते नजर आते हैं। शिक्षक कहते हैं कि हमारे कहने पर बच्चें नहीं मानते हैं व पिछड़ा जाति होने के कारण हमारे समझाने पर नहीं समझते हैं। विद्यालय के प्राचार्य शम्भू प्रसाद अधिकांश अवकाश में रहते हैं। छुट्टी होने के बाद बच्चे विद्यालय में तास खेलते नजर आते है। अभी भी बिहार के शिक्षा व्यवस्था में बहुत सी कमी दिखाई देती है।


