Home मुख्य डॉ. सुबोध बने विश्वविद्यालय के विकास पदाधिकारी, दोहरे प्रभार से मुक्त हुआ चार महाविद्यालय। Voice of Darbhanga
मुख्य - February 11, 2017

डॉ. सुबोध बने विश्वविद्यालय के विकास पदाधिकारी, दोहरे प्रभार से मुक्त हुआ चार महाविद्यालय। Voice of Darbhanga

IMG_20170212_064214दरभंगा: ललित नारायण मिथिला विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. राज किशोर झा ने योगदान देने के बाद पहली बार प्रशासनिक व्यवस्था को सुदृढ़ करने के लिए ठोस पहल की है. पहले चरण में विकास पदाधिकारी के रूप में डॉ. सुबोध यादव की नियुक्ति कर इस विभाग को दोहरे प्रभार से मुक्त कर दिया है. जहां तक विकास पदाधिकारी की बात है तो दोहरे प्रभार के कारण विकास कार्य प्रभावित हो रहा था. प्रो. के.के. साहु को आनन-फानन में हटाकर पूर्व कुलपति ने यहां प्रभारी विकास पदाधिकारी डॉ. मुनेश्वर यादव को कार्यभार दे दिया था. लेकिन कुलपति डॉ. राज किशोर झा ने डॉ. सुबोध यादव को विकास पदाधिकारी नियुक्त किया. डॉ. यादव वरिष्ठतम शिक्षक में से है और इन्हें प्रशासनिक अनुभव भी बेहतर है. जिसके साथ ही कुलपति ने कुलपति सचिवालय में ओएसडी की भी नियुक्ति कर दी है. इसके साथ ही चार महाविद्यालयों में दोहरे प्रभार से मुक्त की वहां वरिष्ठतम शिक्षक को प्रभारी प्रधानाचार्य बनाया है. मारवाड़ी कॉलेज, दरभंगा में प्रो. हीरा कान्त झा को प्रभारी प्रधानाचार्य बनाया है. मिल्लत कॉलेज, दरभंगा के प्रधानाचार्य डॉ. रहमतुल्लाह जो मारवाड़ी कॉलेज के भी प्रभार में थे उनसे मारवाड़ी कॉलेज, दरभंगा का प्रभार ले लिया गया है. इसी तरह एमएलएसएम कॉलेज, दरभंगा को भी दोहरे प्रभार से मुक्ति मिल गई. यहां वरिष्ठतम शिक्षक निर्भय नारायण चौधरी को प्रभारी प्रधानाचार्य बनाया गया है. साथ-साथ जे.एन. कॉलेज, मधुबनी में प्रभारी प्रधानाचार्य के रूप में लक्ष्मी कान्त मिश्र नियुक्त किये गये हैं और यु.पी. कॉलेज, पूसा, समस्तीपुर में भी प्रभारी प्रधानाचार्य उमेश प्रसाद की नियुक्ति की गई है. सनद रहे कि दो-दो महाविद्यालय के प्रभार में रहने के कारण कॉलेज के कार्यो पर भी असर पड़ रहा था. प्रशासनिक सुधार की दिशा में कुलपति ठोस पहल की शुरूआत की है. सूत्र बताते है कि काम करने वाले को तबज्जो देने की संभावना बढ़ गई है.

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