
आस्था जैसे सैकड़ो छात्र-छात्राओं के भविष्य से खिलवाड़ का जिम्मेवार कौन? Voice of Darbhanga

दरभंगा। अभिषेक कुमार
आँखों में सुनहरे भविष्य का सपना संजोये आस्था भ्रष्ट शिक्षा व्यवस्था के सामने सिवाय बेबसी के आँसू बहाने के और कुछ नही कर पा रही है। शहर के केएस कॉलेज की इंटरमीडिएट साइंस की छात्रा आस्था ने दो साल जम कर मेहनत की। अन्तर स्नातक परीक्षाओं के बाद कंपीटिटिव परीक्षाओं की पूरी तैयारी थी। आस्था के पापा-मम्मी को अपने लाडली से बड़ी उम्मीदे थी। पर आज जब इंटरमीडिएट की परीक्षा प्रारम्भ हुई तो बेचारी आस्था घर में बैठ कर आँसू बहा रही है। इसे कॉलेज से परीक्षा केलिए प्रवेश पत्र नही मिला। सारे प्रक्रियाओं को पूरा करने के बाद भी कॉलेज कल तक आस्था को दौड़ा रहा था पर अंततः प्रवेश पत्र नही मिला और ऊपर से ही गड़बड़ी की बात कह दी गयी। ज्यादा पूछने और मिन्नत करने पर कॉलेज कर्मियों द्वारा झिड़क दिया गया कि एक तुम अकेली नही हो, तुम्हारे जैसे हज़ारो छात्रों के साथ हुआ है। केएस कॉलेज में ही कुल 41 छात्र छात्राओं को एडमिट कार्ड नही मिला है। कॉलेज कुछ नही कर सकता।
आस्था निराश और हताश हो गयी। उसे कुछ नही सूझ रहा। इस हताशा और निराशा के वाबजूद आज वह एमएल अकेडमी परीक्षा केंद्र पर पहुँच गयी। वहां उसके कॉलेज के बहुत से साथी एडमिट कार्ड लिए अंदर जा रहे थे। पर आस्था नही जा सकी। स्कूल प्रबंधन की ओर से लाउडस्पीकर पर घोषणा की जा रही थी कि जिन छात्रों को एडमिट कार्ड नही मिल पाया है, वे प्रवेश न करें। अखबार में नोटिस सरकार की तरफ से आया है कि ऐसे छात्रों की परीक्षा बाद में ली जायेगी। पर कब ली जायेगी, इसकी कोई सूचना किसी को नही थी।
ये कहानी सिर्फ एक आस्था की नही, आस्था के जैसे हज़ारो छात्र छात्राओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ हुआ है। जब सरकार के संज्ञान में मामला आया तो परीक्षा की तिथि को ही बढ़ा कर सुधार क्यों नही किया गया। क्या इन मासूमो के भविष्य से खिलवाड़ के लिए जिम्मेवार अधिकारियो पर कोई ठोस कारवाई होगी। और सबसे बड़ा सवाल, देश के भविष्य इन बच्चों का हौसला ऐसे लापरवाही से जो टूटा है, क्या इसकी भरपाई संभव है?

