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मुख्य - February 14, 2017

किसान विरोधी है केंद्र व राज्य सरकारें: किसान सभा। Voice of Darbhanga

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बहादुरपुर: कन्या प्राथमिक विद्यालय पतोर में मंगलवार से दो दिवसीय अंचल किसान सम्मेलन शुरू हुआ। उमा प्रसाद मिश्र की अध्यक्षता में आयोजित सभा को संबोधित करते हुए किसान सभा के राज्याध्यक्ष ललन चौधरी ने कहा कि किसानों की समस्याओं पर केंद्र व राज्य सरकार का कोई ध्यान नहीं है। इससे किसानों के बीच भयावह समस्याएं उत्पन्न हो गई है। केंद्र व राज्य सरकार के किसान विरोधी नीति के कारण किसानों के बीच आज त्राहिमाम की स्थिति बनी हुई है। उन्होंने किसानों की समस्याओं को लेकर आंदोलन का शंखनाद करते हुए कहा कि किसानों की समस्याओं को लेकर किसान सभा आरपार की लड़ाई लड़ेगी। जहां बाढ़-सुखाड़ का स्थाई निदान नहीं होने व जल प्रबंधन की उपाय नहीं किए जाने से किसानों की कमर तोड़ डाली है।वहीं बोरिंग बंद पड़े हैं, सिंचाई की व्यवस्था दम तोड़ रही है। मनरेगा से मजदूरों को काम नहीं मिल पा रहा है। मजदूर पलायन को मजबूर है। नोटबंदी से सबसे ज्यादा प्रभावित किसान हुए हैं। स्वामी सहजानन्द सरस्वती के नेतृत्व में जमीन कानून से लेकर किसानों के हित की बड़ी-बड़ी लड़ाई लड़ी गई। किसान सभा के जिला सचिव श्याम भारती ने कहा कि राज्य सरकार सूबे में बंद पड़े कल-कारखाने को खोलने में विफल रही है। अशोक पेपर मिल, रैयाम, सकरी मिल बंद है। उन्होंने किसान सभा मिल चालू करने, किसानों का जमीन वापस करने की मांग को लेकर संघर्ष तेज करने का आह्वान किया। सीपीआईएम के जिला मंत्री मंटू ठाकुर, किसान सभा के जिलाध्यक्ष सुधीरकांत मिश्र, मनोज कुमार मिश्र, मो.कलाम, नंद कुमार मिश्र, हरिसुन्दर मिश्र, जागेश्वर यादव आदि ने आंदोलन को तेज करने का आह्वान किया।

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