Home मुख्य एक शाम कासिम खुर्शीद के नाम मुशायरा आयोजित। Voice of Darbhanga
मुख्य - February 26, 2017

एक शाम कासिम खुर्शीद के नाम मुशायरा आयोजित। Voice of Darbhanga

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दरभंगा: भाषा का तअल्लुक जब तक पेट से नहीं होगा तब तक उस जुबान की तरक्की मुमकिन नहीं है. उर्दू जुबान बहुत ही मीठी भाषा है. आई टी आई, डेन्टल, पॉलटेकनिक, इंजिनियरिंग आदि की पढ़ाई उर्दू में मौलाना आजद नेशनल उर्दू विश्वविद्यालय में शुरू की है, अगर कोई बच्चा इन्टर और मैट्रीक उर्दू से कर के आता है तो यहॉ उसका नामांकन आसानी से होगा और दूसरे देश में भी मल्टी नेशनल कम्पनी में आसानी से काम मिलेगा. उक्त बातें मो. अली अशरफ फातमी, पूर्व केन्द्रीय राज्य मंत्री ने अलमंसूर एजुकेशनल एंड वेलफेयर ट्रस्ट के तत्वावधान में डॉन बास्को स्कूल, दरभंगा के सभागार में आयोजित एक शाम कासिम खुर्शीद के नाम और मुशायरा से अपने सम्बोधन में कही. उन्होंने कहा कि डॉ0 कासिम खुर्शीद ने शुरू से ही अपने आप को उर्दू के समर्पित कर दिया. उन्होंने कई फिलमों में काम किया है और उनकी कई किताबें प्रकाशित हुई हैं. अलमंसूर ट्रस्ट ने इस तरह का आयोजन कर के बड़ा अच्छा काम किया है और में आशा करता हूॅ कि भविष्य में भी इनके द्वारा इस प्रकार के आयोजन होते रहेंगे. कार्यक्रम का शुभारंभ अली अशरफ फातमी पूर्व केंद्रीय मंत्री, भारत सरकार, अपर पुलिस उपाधीक्षक दिलनवाज अहमद, कासिम खुर्शीद, डॉ0 मुसूर खुश्तर, डॉ0 ए0एम0 तर्जी, शहाब जफर आजमी, रफी आबदी, डॉ0 इनतेखाब हाशमी, डॉ0 सैयद जफर आफताब हुसैन, कामरान गनी सबा के द्वारा शमा रौशन कर के किया गया. इस अवसर पर त्रिमासिक पत्रिका तहकीक दरभंगा का लोकार्पण किया गया. इस अवसर पर डा. कासिम खुर्शीद को उनके उर्दू साहित्य के क्षेत्र में बेहतर काम करने पर डॉ0 अब्दुल मन्नान तर्जी एवार्ड, डा. शहाब जफर आजमी को सैयद अल्ताफ हुसैन दमरी एवार्ड और शमीम कासमी को उनके साहित्यिक योगदान के लिए फारूक अहमद एवार्ड से सम्मानित किया गया. जब्कि कामरान गनी सबा को उर्दू साहित्य में बेहतर काम के लिए प्रशत्री पत्र दिया गया. डॉ0 अब्दुल मन्नान तर्जी ने अपना मंजूम तबसेरा पेश किया. इस अवसर पर कवि सम्मेलन का भी आयोजन किया गया जिसकी अध्यक्षता रहबर चंदन पटवी, प्रो0 जफर हबीब और प्रो0 शाकिर खलीक ने किया. इस अवसर पर मनव्वर राही, इरफान अहमद पैदल, मकसूद आलम रिफअत, मंजर सिद्दीकी, अजहर फर्शी, अनवर आफाकी, शहजाद अनवर, डॉ0 इन्तेखाब हाशमी, नजरे आलम, फिरदौल अली, हामिद अंसारी, अयूब राईन, हाफिज अबु शहमा, औन अहमद, आलमगीर शबनम, रफीक अंजुम, मो0 शमशाद, रफी नशतर, वसीम अख्तर, मो0 जावेद, आदि भारी संख्या में गणमान्य व्यक्ति मौजूद थे. मंच संचालन मुस्तफीज अहद और कामरान गनी सबा ने संयुक्त रूप से किया. धन्यवाद ज्ञापन ट्रस्ट के सचिव डॉ0 मंसूर खुश्तर ने किया.

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