
खुद को कानून से ऊपर समझते है डीहलाही के सरपंच पति! Voice of Darbhanga

दरभंगा: विशनपुर थानाक्षेत्र के डीहलाही निवासी शंकर दास ने थाना को दिए एक आवेदन तथा मीडिया से हुई बातचीत में आरोप लगाया है कि डीहलाही पंचायत के सरपंच मंजू देवी तथा सरपंच पति प्रदीप साह ने उसकी पैशन एक्सप्रो बाइक न0 – BR 7Q 4913 गत 28 नवम्बर को जबरन सड़क से उठा लिया तथा वापस नही दे रहे। पीड़ित शंकर दास ने बताया कि एक झगड़े का मुकदमा उनपर हुआ जिसमें उन्होंने बेल भी ले लिया। पुलिस केस में भी उस बाइक का कोई लेना देना नही है। फिर भी सरपंच पति उन्हें बाइक नही दे रहे। थाना द्वारा नही देने का नाम बोले तथा 25 हज़ार रूपये की मांग करने लगे। सरपंच पति ने कहा कि सरपंच साहिबा का आदेश है कि 25 हज़ार पहुंचाओगे तभी गाडी देंगे।
इस पर जब मीडिया की टीम ने उक्त सरपंच से मिलने की कोशिश की तो ग्राम कचहरी में सरपंच की जगह उनकी कुर्सी पर सरपंच पति बैठ कर काम कर रहे थे। सरपंच पर मिलने के नाम पर उन्होंने कहा कि वे ही सरपंच हैं, जो बात करनी हो उन्ही से करें। इस आवेदन के बाबत पूछने पर कि न ही इस गाड़ी पर केस है और न ही कोई जब्ती सूचि है, जो भी मामला है, न्यायालय के अधीन है तो फिर इसकी गाडी क्यों रखे हैं। इस पर उक्त सरपंच पति ने दबंगता के साथ कैमरे पर कहा कि वे समाज के दस लोगो के साथ पंचायत करेंगे। तब 25000 जमा करवा कर बाइक देंगे। जब उनसे पूछा गया कि मामला न्यायालय के अधीन है और धारा 307 जैसी गम्भीर धारा लगी है तो क्या आपको अधिकार है कि जबरन पंचायत करें। इस पर कानून की धज्जी उड़ाने वाले शर्मनाक ब्यान देते हुए सरपंच पति ने कहा कि समाज के दस लोग बैठ कर फैसला करेंगे, उससे ऊपर कोर्ट नही है। और उन्होंने थानाध्यक्ष का नाम भी लिया कि उन्होंने भी मना किया है देने केलिए।
मामले पर जब थानाध्यक्ष अंजेश कुमार से बात की गयी तो उन्होंने आवेदन के आधार पर कानून सम्मत कारवाई की बात कही। उन्होंने कहा कि सरपंच द्वारा 25 हज़ार के मांग की जाने की बात उन्हें पता नही थी। इसपर त्वरित कारवाई करते हुए उक्त सरपंच पति पर कानूनी कारवाई की जायेगी।

