
धोखाधड़ी का शिकार होकर दुबई में फंसा रोहित आज सुबह वतन लौटा। Voice of Darbhanga

दरभंगा। अभिषेक कुमार
मीडिया की खबर एवं विदेश मंत्रालय का प्रयास आखिरकार रंग लाया और. धोखाधड़ी का शिकार हो कर करीब 6 महीने से दुबई में फंसा हायाघाट प्रखंड के सहोड़ा पंचायत के माखनपुर गाँव निवासी सुभाषचंद्र चौधरी का इकलौता 32 वर्षीय पुत्र रोहित चौधरी आज सुबह दिल्ली पहुंचा। अपने वतन वापस आने और परिजनों से मिलकर रोहित के आँखों से आंसू निकल पड़े। उनके पिता भी बेटे को गले लगाकर फफक पड़े। पर यह आंसू ख़ुशी के थे। लगातार दो तीन महीने से पूरा परिवार बेटे केलिए दिल्ली में था।
बड़े अरमानो से घर सँभालने का सपना संजोये रोहित दुबई गया था। पर वहां विश्वासघात के कारण ऐसा फंस गया कि घर लौटना तो दूर, खाने पीने के भी लाले पड़ गए थे। करीब छः महीने पहले रोहित ने एम्बेसी को अपने साथ हुए धोखाधड़ी और अपने भुखमरी हालात की दुहाई के साथ सुचित भी किया पर अभी तक कोई कारवाई नही हो रही थी। अंत में रोहित की पत्नी संगीता देवी ने विदेश मंत्री सुषमा स्वराज से गुहार लगायी थी उनके पति को वापस लाने केलिए।
वर्ष 2012 में फरीदाबाद के रोहित को यसर्ष वर्मा नामक मित्र ने राजेश कुमार से संपर्क करवाया था। राजेश दुबई में अल अफगान जनरल ट्रेडिंग एलएलसी कम्पनी चलाता है। राजेश के ऊपर दिल्ली में फ़्रॉड का केस था जिसके तहत इंटरपोल ने उसे गिरफ्तार किया और कोर्ट में पेश किया। दुबई में कोर्ट में उसे अपने जमानत केलिए दो लोगों को बतौर गारेंटर जरूरत पड़ी तो राजेश ने रोहित को कम्पनी में प्रोमोशन का झांसा देकर अरबी में लिखे बांड पेपर पर हस्ताक्षर करवा लिया और उसका पासपोर्ट कोर्ट में जमा हो गया करीब एक साल पहले। जब रोहित को आने की जरूरत पड़ी तो उसने राजेश से अपना पासपोर्ट माँगा। तब राजेश ने रोहित को बताया कि वह राजेश का गारेंटर है इसलिए वह दुबई छोड़ कर नही जा सकता। फिर उसने कम्पनी से सैलरी देना बंद कर दिया और खुद भी गायब हो गया। अब रोहित के साथ भुखमरी की स्थिति भी उतपन्न हो गयी थी और वर्क वीजा के नही होने के कारण कहीं और काम भी नही कर सकता है। ऐसे में अब रोहित का पूरा परिवार सुषमा स्वराज की ओर देख रहा था।
इनके वापसी की सूचना दिल्ली से फोन पर देते हुए रोहित के पिता सुभाष चंद्र चौधरी ने Voice of Darbhanga को खबर को प्रमुखता से प्रसारित करने केलिए धन्यवाद दिया और इसके संपादक अभिषेक कुमार का भी आभार प्रकट किया। उन्होंने बताया कि इस वापसी केलिए समस्तीपुर के सांसद रामचंद्र पासवान, बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष नित्यनाद राय एवं लोजपा के रमेश चौधरी आदि लोगों का सहयोग महत्वपूर्ण रहा।

