
एभीवीपी की गुंडागर्दी के खिलाफ आइसा-माले ने निकाला मार्च। Voice of Darbhanga

दरभंगा: अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद् के कार्यकर्ताओं द्वारा दिल्ली विश्वविद्यालय में अकादमी गतिविधियों में हस्तक्षेप किये जाने के विरोध में भाकपा माले ने आज नागरिक मार्च निकाला. मार्च पोलो मैदान से निकलकर लहेरियासराय की विभिन्न सड़कों से होते हुए लोहिया चौक पर आमसभा में तब्दील हो गया. इस मौके पर माले पोलित ब्यूरो सदस्य धीरेन्द्र झा ने कहा कि देश कठिन दौर से गुजर रहा है. संवैधानिक लोकतंत्र पर बड़ा खतरा उपस्थित हो गया है. उन्होंने आरोप लगाया कि भारत में रहना है तो संघी बनना होगा. जैसी फासीवादी नारे के तहत हिंसा भड़काया जा रहा है. श्री झा ने यहां तक कहा कि शैक्षणिक व अकादमिक गतिविधियों पर भगवा रंग थोपा जा रहा है. एपवा राज्य सचिव शशि यादव ने कहा कि मोदी के नेतृत्व में भाजपा सरकार ने सरकार के मंत्री मानसिक संतुलन खो चुके हैं और उनके लोग शहीद की बेटी गुलमेहर कौर के स्वतंत्र विचारों को दवाने के लिए बलात्कार तक की धमकी दे रहे हैं. इस अवसर पर माले जिला सचिव बैद्यनाथ यादव, इंसाफ मंच के नेयाज अहमद, आइसा के संदीप चौधरी, इनौस के गजेन्द्र शर्मा के अलावा नन्दलाल ठाकुर, अभिषेक कुमार, आर.के. सहनी, लक्ष्मी पासवान, कल्याण भारती, अशोक पासवान, सदीक भारती, रंजीत राम, ऋषिकेश झा, शनिचरी देवी, रोहित सिंह, देवेन्द्र कुमार, प्रिंस कुमार कर्ण, रसीदा खातुन, विशाल मांझी, मयंक कुमार, मो. इम्तेयाज, डॉ. उमेश प्रसाद, रामनारायण पासवान भोलाजी, राजा पासवान, शिवशंकर सहनी, कोमल कांत यादव आदि उपस्थित थे. सनद रहे कि संसद मार्च के समर्थन में दरभंगा में भाकपा माले की ओर से नागरिक मार्च निकाला गया था.

